Quad Summit: क्वॉड शिखर सम्मेलन के लिए भारत नहीं आएंगे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ट्रंप, न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में बड़ा दावा
Quad Summit: क्वॉड शिखर सम्मेलन के लिए भारत नहीं आएंगे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ट्रंप, न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में बड़ा दावा

टीआरपी डेस्क। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत से आयात होने वाले उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की। इसे ट्रंप की भारत पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, खासतौर पर व्यापार समझौते को लेकर। लेकिन ट्रंप का ये कदम अब उन्हें उल्टा पड़ सकता है और इसकी चेतावनी दी है कनाडा के एक नामी उद्योगपति ने।

कनाडाई कारोबारी की दो टूक

टेस्टबेड कंपनी के चेयरमैन किर्क लुबिमोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा पोस्ट लिखते हुए ट्रंप की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत पर टैरिफ लगाना न सिर्फ गलत आर्थिक रणनीति है, बल्कि भू-राजनीतिक नजरिए से भी एक भारी चूक है।

ट्रंप को जियो-पॉलिटिक्स की समझ नहीं

लुबिमोव ने लिखा, मैं पहले भी कह चुका हूं और फिर दोहराता हूं ट्रंप की टैरिफ नीति में जियो-पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी का कोई ख्याल नहीं रखा गया है। वो अब उस भारत से टकराव मोल ले रहे हैं, जो दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।

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मोदी दुनिया के सबसे सम्मानित नेताओं में हैं

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय छवि की भी सराहना की और लिखा, मोदी आज दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में शामिल हैं। उनका प्रभाव सिर्फ भारत में नहीं, कई देशों में है। अमेरिका को चाहिए कि वो भारत को सहयोगी माने, न कि टक्कर का मैदान।

चीन से प्रोडक्शन शिफ्ट करने का सबसे तगड़ा विकल्प है भारत

लुबिमोव का मानना है कि अमेरिका को भारत के साथ व्यापारिक साझेदारी बढ़ानी चाहिए, उन्होंने आगे लिखा, ‘भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया में सबसे ज्यादा सम्मानित हैं और कई देशों में उनका प्रभाव है। असली मकसद चीन और ब्रिक्स के प्रभुत्व और विकास को कमजोर करना है। भारत इसका एक हिस्सा है, लेकिन यह चीन से प्रोडक्शन को ट्रांसफर करने के लिए एक स्वाभाविक देश हो सकता है।’

भारत हथौड़ा और कील नहीं, एक साझेदार है

अंत में लुबिमोव ने चुटकी लेते हुए कहा, अमेरिका खुद 50 सेंट के टूथब्रश नहीं बनाएगा। भारत को हथौड़ा-कील की तरह इस्तेमाल करने के बजाय उसका सहयोग करना चाहिए। और इसमें कनाडा को भी जोड़ना चाहिए ताकि हम प्राकृतिक संसाधनों की जरूरतों को पूरा कर सकें।

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