टीआरपी डेस्क। बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां करंट की चपेट में आने से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई है। यह हादसा गांव में बिजली व्यवस्था में बड़ी लापरवाही को उजागर कर रहा है।

मरम्मत को दौरान हुई दुर्घटना

जानकारी के मुताबिक शांति देवी के घर में बिजली आपूर्ति बाधित थी। उनके बेटे अजित कुमार ने जब घर के पास लगे सर्विस वायर को देखा, तो पाया कि उस पर एक पेड़ की डाल लटकी हुई थी जिससे करंट प्रवाहित हो रहा था। करंट के कारण ही बिजली बाधित हो रही थी।

अजित ने जब उस डाल को हटाने की कोशिश की तो वह करंट की चपेट में आ गया। बेटे को तड़पता देख मां शांति देवी और पोता अनिल राम भी दौड़े और बांस के सहारे तार से अजित को अलग करने का प्रयास किया। लेकिन बांस के टूटने के कारण वे दोनों भी करंट की चपेट में आ गए और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

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इस दौरान शांति देवी की गोद में बैठी एक छोटी बच्ची को भी करंट लगा और वह भी गंभीर रूप से झुलस गई। फिलहाल बच्ची का इलाज समस्तीपुर सदर अस्पताल में जारी है।

विधायक ने हरसंभव मदद की कही बात

घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय विधायक अजय कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। विधायक ने इस हादसे को दुखद बताते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार की मदद के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही विभूतिपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

गांव में पसरा मातम

इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में मातम छा गया है। एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है और मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।

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हादसे से मिला सबक

यह घटना एक चेतावनी है कि बिजली से जुड़े कार्य बिना विशेषज्ञ और सुरक्षा उपायों के करना जानलेवा हो सकता है। लोगों से अपील की जा रही है कि बिजली संबंधी किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत बिजली विभाग या संबंधित अधिकारी को दें और स्वयं उसे ठीक करने की कोशिश न करें।