टीआरपी डेस्क। Landslide in Himachal: हिमाचल की खुबसूरती को नजर सी लग गई है. अपनी प्राकृतिक सुंदरता और बर्फीली पहाड़ियों से पर्यटकों के दिल में अलग सी पहचान बनाने वाले हिमाचल में चारों ओर तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है. हिमाचल की शांति अब चीख में बदल गई है. जो सड़के कभी आपको खुबसूरती का एहसास करवाती थी, आज वो पानी में समा गई है, या उन पर बड़े-बड़े पत्थर गिरे हुए है. साल 2025 का साल हिमाचल के लिए ग्रहण बनकर आया है.

Landslide in Himachal:20 जून को मानसून के आगमन के साथ ही हिमाचल को भारी तबाही का सामना करना पड़ रहा है. हिमाचल की धरा में रहने वाले लोग आज डर के साए में जीने को मजबूर है. कुल्लू की तबाही का मंजर अभी लोगों के जहन से उतरा भी नहीं था. इधर, हिमाचल के चंबा जिले के भरमौर में बारिश तबाही लेकर आई. मणिमहेश की यात्रा पर निकले 11 श्रद्धालुओं की लैंडस्लाइड से मौत हो गई और कई लापता है. 9 मृतकों की पहचान प्रशासन के द्वारा कर ली गई है। लेकिन, 2 की पहचान अभी बाकी है.

Landslide in Himachal:हिमाचल के पीडब्ल्यूडी मंत्री ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि, प्रदेश में भारी बारिश की वजह से 24 से 26 अगस्त के बीच यानी कि तीन दिनों में 158 करोड़ की हानि हुई है. मानसून के आगमन के साथ ही PWD विभाग को 1444 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. भारी बारिश की वजह से 5667.72 किलोमीटर सड़कें, 34.04 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग और 70 पुल क्षतिग्रस्त हुए है. कई जगहों पर पुल बह गए हैं. लगातार हो रहे लैंडस्लाइड से सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई है.

भारी बारिश से 1091 सड़कें क्षतिग्रस्त
Landslide in Himachal: भारी बारिश से 1091 सड़कें डेमेज हुई है. इस दौरान 7 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं. जबकि, भारी बारिश से आई बाढ़ की वजह से 2 पुल बह गए हैं. विभाग ने क्षतिग्रस्त सड़कों की बहाली के लिए 912 मशीनें लगाई हैं. इनमें 161 जेसीबी, 43 डोजर, 11 टिप्पर के अलावा 462 निजी जेसीबी और 120 टिप्पर शामिल हैं. तीन दिनों में हुई भारी बारिश से कुल्लू जिले में 30 करोड़ का नुकसान हुआ है. भारी बारिश से पुरानी मनाली से जोड़ने वाला 27.5 मीटर लंबा मनालसु स्टील पुल क्षतिग्रस्त हो गया है.




