स्पोर्ट्स डेस्क। केरल क्रिकेट लीग 2025 में कोच्चि ब्लू टाइगर्स के कप्तान संजू सैमसन (Sanju Samson) ने जिस अंदाज़ में वापसी की है, उसने क्रिकेट प्रेमियों और चयनकर्ताओं दोनों को चौंका दिया है। लीग की शुरुआत उनके लिए खास नहीं रही थी। पहले मैच में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला और दूसरे मैच में उन्होंने 22 गेंदों में सिर्फ 13 रन बनाए। लेकिन इसके बाद उन्होंने जो बल्लेबाजी दिखाई, उसने सबकी नजरें खींच लीं।
एराइज कोल्लम सेलर्स के खिलाफ उन्होंने ताबड़तोड़ 121 रन बनाए। 51 गेंदों की इस पारी में उन्होंने 14 चौके और सात छक्के जमाए। सबसे खास बात यह रही कि इस मैच में वह ओपनिंग करने उतरे, जबकि इससे पहले उन्हें मध्यक्रम में बल्लेबाजी करनी पड़ रही थी। यह बदलाव उनके प्रदर्शन में बड़ा फर्क लाया और उन्होंने खुद को एक भरोसेमंद टॉप ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में साबित किया।
थ्रिसुर टाइटंस के खिलाफ भी उन्होंने आक्रामक रुख अपनाते हुए 46 गेंदों में 89 रन ठोके। चार चौके और नौ छक्कों से सजी इस पारी ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। सैमसन की टाइमिंग, स्ट्रोक चयन और पावर हिटिंग एकदम लाजवाब रही। इस पारी के बाद उन्हें एक सच्चे मैच विनर के रूप में पहचाना गया।
इसके बाद अदाणी त्रिवेंद्रम रॉयल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भी उन्होंने 62 रन की तेजतर्रार पारी खेली। 37 गेंदों में चार चौके और पांच छक्के जड़कर उन्होंने दिखा दिया कि उनका बल्ला अभी थमा नहीं है। कैलिकट ग्लोबस्टार्स के खिलाफ एक मुकाबला मिस करने के बावजूद वह फॉर्म में बने रहे।
सैमसन (Sanju Samson) का यह निरंतर प्रदर्शन एशिया कप 2025 की भारतीय टीम के चयन के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। शुभमन गिल की टीम में वापसी और अभिषेक शर्मा के साथ उनकी संभावित ओपनिंग जोड़ी सैमसन की राह मुश्किल बना सकती है। वहीं, पांचवें और छठे नंबर के लिए जितेश शर्मा का स्ट्राइक रेट और फिनिशिंग कौशल उन्हें टक्कर दे रहा है।
फिर भी, केरल क्रिकेट लीग में संजू सैमसन (Sanju Samson) की धमाकेदार वापसी ने चयनकर्ताओं के लिए सोचने की नई वजह खड़ी कर दी है। तिलक वर्मा जैसे युवा बल्लेबाज की जगह सैमसन को मौका देने की चर्चाएं अब ज़ोर पकड़ रही हैं। ऐसे में एशिया कप की प्लेइंग-11 तय करना अब भारतीय टीम प्रबंधन के लिए आसान नहीं रहेगा।


