टीआरपी डेस्क। British MP Priti Patel : भारतीय मूल की ब्रिटिश सांसद और पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल ने अपने भारतीय जड़ों और सांस्कृतिक पहचान को खुले रूप में अपनाते हुए नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पारंपरिक अनारकली सूट, बिंदी और कलावा पहनकर एक मंदिर के सामने खींची गई अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी। इस पोस्ट को लेकर अब विवाद शुरू हो गया है।

प्रीति पटेल ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, आज नवरात्रि की शुरुआत है, जो एक पवित्र हिंदू पर्व है। यह देवी दुर्गा और अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है। इस नवरात्रि आप सभी को शांति, समृद्धि और आशीर्वाद मिले।

पोस्ट पर ब्रिटिश आवाम की ट्रोलिंग

इस पोस्ट अपडेट के बाद प्रीति पटेल को सोशल मीडिया पर आलोचनाओं और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। कुछ ब्रिटिश यूजर्स ने कहा कि ‘अगर भारतीय संस्कृति इतनी पसंद है, तो भारत लौट जाओ।’ वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि UK एक ईसाई देश है और सार्वजनिक रूप से हिंदू त्योहारों का जश्न मनाना अपमानजनक है।

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एक यूजर ने लिखा, अगर तुम देवी पूजा करना चाहती हो तो भारत जाकर करो, यहां हमें इसकी जरूरत नहीं। एक अन्य ने कमेंट में कहा, तुम्हें अपनी मातृभूमि में जाकर रहना चाहिए, यहां इस संस्कृति की कोई जगह नहीं है।

https://twitter.com/pritipatel/status/1970163683620684250

कुछ लोगों ने किया समर्थन

हालांकि आलोचनाओं के बीच कई यूजर्स प्रीति पटेल के समर्थन में भी सामने आए। कुछ ने उनकी ड्रेस की सराहना की, तो कुछ ने संस्कृति को अपनाने की आजादी की वकालत की। समर्थकों का कहना था कि ब्रिटेन का समाज बहुसांस्कृतिक है और हर किसी को अपनी पहचान और संस्कृति को सेलिब्रेट करने का पूरा हक है।

एक यूजर ने लिखा:, ये गर्व की बात है कि कोई सांसद अपनी जड़ों को नहीं भूलती। यह ब्रिटेन की विविधता की पहचान है।

भारतीय मूल की ब्रिटिश नेता हैं प्रीति पटेल

प्रीति पटेल के परिवार की जड़ें गुजरात से जुड़ी हैं। उनके माता-पिता युगांडा से 1960 के दशक में ब्रिटेन आकर बस गए थे। प्रीति का जन्म लंदन में हुआ और उन्होंने कम उम्र में ही राजनीति में कदम रखा। वे कंजर्वेटिव पार्टी की प्रभावशाली नेता हैं और 2019 से 2022 तक ब्रिटेन की गृह मंत्री रहीं हैं।

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प्रवासियों को लेकर गुस्से में ब्रिटेन के लोग

गौरतलब है कि हाल के दिनों में ब्रिटेन में प्रवासी समुदायों, खासकर भारतीयों के प्रति नाराजगी बढ़ी है। लंदन में हाल ही में आयोजित ‘यूनाइट द किंगडम’ रैली में करीब 1.5 लाख लोगों ने भाग लिया, जिनकी मांग थी कि देश में प्रवासियों की संख्या सीमित की जाए।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रवासियों की वजह से नौकरियों में प्रतिस्पर्धा, संस्कृति में बदलाव और संसाधनों पर दबाव बढ़ा है, जिसके चलते प्रीति पटेल की पोस्ट को कुछ लोगों ने राजनीतिक और सांस्कृतिक असंवेदनशीलता के रूप में देखा।

British MP Priti Patel : प्रीति पटेल की नवरात्रि पोस्ट ने ब्रिटेन में बहुसंस्कृति, धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सहिष्णुता पर एक नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर यह एक नेता द्वारा अपनी सांस्कृतिक विरासत को अपनाने की मिसाल है, वहीं दूसरी ओर यह ब्रिटेन में प्रवासियों की बदलती स्थिति और चुनौतियों की झलक दे रही है।

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