टीआरपी। ‘Health messages resonated at Mata Pandals and Garba venues : इन दिनों नवरात्रि पर्व पर प्रदेशभर में श्रद्धा उल्लास का माहौल छाया है। गरबा मैदानों और दुर्गा पंडालों में महिलाएं भक्तिभाव से माता की आराधना कर रहीं हैं। प्रशासन ने ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत नवरात्रि महोत्सव को महिला स्वास्थ्य और परिवार सशक्तिकरण से जोड़ते हुए एक अभिनव पहल शुरू की है। गरबा स्थलों पर हजारों महिलाओं ने ‘स्वस्थ नारी, सुरक्षित परिवार’ का संकल्प लिया। इस अवसर पर महिलाओं को स्वच्छता, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व से अवगत कराया।
इस पहल की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसे केवल स्वास्थ्य जानकारी तक सीमित न रखकर मातृशक्ति की आराधना और सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ा गया। गरबा और भक्ति गीतों के बीच जब मंच से स्वास्थ्य संदेश प्रसारित हुए, तो वे किसी उपदेश जैसे नहीं लगे, बल्कि उत्सव का ही हिस्सा बन गए। महिलाओं ने इन्हें न केवल सुना, बल्कि पूरे मन से अपनाने की गंभीरता भी दिखाई।
प्रमुख तीर्थ स्थलों पर ‘शक्ति आरोग्य शिविर’
प्रदेश के प्रसिद्ध माता मंदिरों में दंतेवाड़ा की माता दंतेश्वरी, डोंगरगढ़ की बम्लेश्वरी और रतनपुर की महामाया मंदिर में विशेष ‘शक्ति आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविरों में महिलाओं को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी जा रही है।साथ ही, पोषण, एनीमिया नियंत्रण, संतुलित आहार और व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
समाज में स्वास्थ्य चेतना का संदेश
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रतनपुर स्थित माता महामाया के दर्शन उपरांत शक्ति आरोग्य शिविरों के माध्यम से दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायज़ा भी लिया। उन्होंने कहा कि सरकार का यह प्रयास केवल स्वास्थ्य सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को जागरूक, सशक्त और सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। नवरात्रि जैसे धार्मिक आयोजनों को स्वास्थ्य अभियान से जोड़कर छत्तीसगढ़ ने एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। इससे परिवार और समाज में स्वास्थ्य चेतना का संदेश गहराई तक पहुंच रहा है।


