रायगढ़। आज तड़के रायगढ़ रेलवे स्टेशन स्थित आरपीएफ पोस्ट में तैनात प्रधान आरक्षक एस. लदेर ने विवाद के चलते अपने साथी प्रधान आरक्षक पीके मिश्रा को गोली मार दी। घटना नाइट ड्यूटी के दौरान तड़के 4:15 बजे हुई। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, और रेलवे पुलिस घटना की असली वजह का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

गोलियों के धमाके से दहशत

रायगढ़ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट में आज तड़के गोलियों की आवाज से दहशत का माहौल निर्मित हो गया। यहां उस समय हड़कंप मच गया जब एक प्रधान आरक्षक ने अपने ही साथी प्रधान आरक्षक पर गोली चला दी। घटना सुबह लगभग 4:15 बजे की बताई जा रही है, जब दोनों आरक्षक नाइट ड्यूटी पर थे और बाकी आरक्षक स्टेशन परिसर में गश्त पर निकले हुए थे।

मौके पर पहुंचे जवानों ने देखा कि प्रधान आरक्षक पीके मिश्रा कुर्सी पर लहूलुहान हालत में मृत पड़े थे। उनके सामने ही आरोपी प्रधान आरक्षक एस. लदेर 9 एमएम की पिस्टल हाथ में पकड़े खड़ा था।

See also  AICC बैठक में CG. PCC - खरगे की अध्यक्षता में सत्ता-संगठन की बैठक व्यवस्था और हावभाव से लगा बदलाव होगा...!

मित्रता के बावजूद क्यों मार दी गोली

इस घटना का उल्लेखनीय पहलु यह है कि आरोपी प्रधान आरक्षक एस. लदेर और मृतक पीके मिश्रा के बीच अच्छी मित्रता थी। दोनों की RPF में एक साथ ही जॉइनिंग हुई थी। बावजूद इसके, आखिर ऐसी क्या बात हुई जिसके चलते दोस्त ने दोस्त को गोली मार दी, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

एक के बाद एक 4 गोलियां दागी

बताया जाता है कि आरोपी ने अपनी सर्विस पिस्टल से चार राउंड फायर किया। इनमें से एक गोली मिश्रा की कनपटी में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बाकी गोलियां दीवार और फर्नीचर में धंस गईं। सहकर्मियों ने तुरंत आरोपी से पिस्टल छीनकर उसे काबू में किया और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी।

घटना की जानकारी मिलते ही आरपीएफ के आईजी मुनव्वर खुर्शीद और स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया ताकि घटनास्थल की बारीकी से जांच की जा सके।अधिकारियों ने बताया कि आरोपी प्रधान आरक्षक से पूछताछ जारी है और प्रारंभिक तौर पर इसे आपसी विवाद का मामला माना जा रहा है।

See also  CG NEWS : जून में छत्तीसगढ़ आ सकते है पीएम मोदी, सरकारी कार्यक्रमों में होंगे शामिल

पहले भी थी शिकायतें, अक्सर रहता था शराब के नशे में

हालांकि इस बात की अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है कि दोनों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था। लेकिन आरपीएफ विभाग के सूत्रों का कहना है कि आरोपी एस. लदेर के खिलाफ पूर्व में भी अनुशासनहीनता की शिकायतें दर्ज की गई थीं। बताया जाता है कि बिलासपुर में पोस्टिंग के दौरान लदेर का अपने प्रमुख के साथ विवाद हो गया था और वह गुस्से में बंदूक लेकर पहुँच गया था। इस वाकये के बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। अनुशासनहीनता के चलते कई बार वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे चेतावनी भी दी थी। निलंबन के बाद उसकी बहाली रायगढ़ में हुई थी।

बताया जाता है कि जवान एस. लदेर अक्सर किसी भी मुद्दे पर अपने सहकर्मियों या अन्य परिचितों के साथ बहस करने में जुट जाता था। उसे इसकी सनक थी और बताया यह भी जा रहा है कि उसका मनोरोग का उपचार भी चल रहा है, इसमें सच्चाई कितनी है इसका खुलासा नहीं हो सका है। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय आरोपी नशे में था या नहीं।

See also  NIT के लेक्चरर ने कर दी शिक्षिका की हत्या, बहनों पर भी किया हमला, एक की हालत गंभीर

अगले महीने ही पदोन्नति होने वाली थी मृतक की

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक प्रधान आरक्षक पीके मिश्रा का प्रमोशन अगले महीने ड्यू था। वे अपने विभाग में ईमानदारी और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उनके सहकर्मियों ने बताया कि वे विभाग में लोकप्रिय थे और किसी से गंभीर विवाद की जानकारी पहले कभी नहीं मिली। उनकी अचानक हुई हत्या से विभाग में शोक और आक्रोश का माहौल है।

रायगढ़ पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूछताछ पूरी नहीं होती, घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं किया जा सकता। पुलिस ने फिलहाल हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।