रायपुर। पूरे प्रदेश में कल याने सोमवार से कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल पर रहेंगे और 11 सूत्रीय मांगो को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में कामकाज प्रभावित रहेगा।
कर्मचारी–अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले प्रदेश में 29 से 31 दिसंबर तक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन को लेकर फेडरेशन की तैयारी पूरी हो चुकी है। कल 4.50 लाख कर्माचारी-अधिकारी अपनी 11 सूत्रीय मांगो को लेकर आंदोलन करेंगे।
‘मोदी की गारंटी करें लागू’
फेडरेशन ने कहा है कि मोदी की गारंटी लागू करने में छत्तीसगढ़ सरकार के उदासीन रवैये से त्रस्त कर्मचारी 29 से 31 दिसंबर तक त्रिदिवसीय हड़ताल में आक्रोश व्यक्त करेंगे। फेडरेशन का कहना है कि प्रदेश के कर्मचारियों के लिए मोदी की गारंटी की उपेक्षा से कर्मचारी जगत में सरकार के विरुद्ध भारी नाराजगी है। नवा रायपुर स्थित सभी विभागाध्यक्ष कार्यालयों में तालाबंदी होने का दावा फेडरेशन ने किया है। वहीं निगम,मण्डल, बोर्ड, आयोग, स्कूलों में भी तालाबंदी की संभावना है।
फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने मोदी की गारंटी लागू करने कई बार सरकार को ज्ञापन सौंपा है। ध्यानाकर्षण के लिए फेडरेशन के आव्हान पर 22 अगस्त 25 को प्रदेश बंद हड़ताल हुआ था। लेकिन अभी तक हालात यह है कि सरकार के अंदरखाने में कर्मचारियों के लिये मोदी की गारंटी को पूरा करने की कोई सुगबुगाहट नहीं है। जबकि सरकार के विकासोन्मुखी कार्य कर्मचारियों के जरिए हो रहा है। प्रदेश में कानून और व्यवस्था की जिम्मेदारी तत्सम्बन्धी विभाग के कर्मचारियों पर है।
हड़ताल की तैयारी पूरी
फेडरेशन ने सारी स्थितियों को देखते हुए हड़ताल की प्रदेशव्यापी तैयारी पूरी कर ली है। राज्य के पाँचों संभाग में समीक्षा बैठक के साथ ही प्रत्येक जिले में संयोजक द्वारा बैठकों का दौर जारी है। साथ ही, सामूहिक अवकाश आवेदन भरा जा रहा है। मॉनिटरिंग का कार्य जिलों में संयोजक तथा जिलों की प्रांतीय कोर कमेटी के द्वारा किया जा रहा है। सरकार की तमाम योजनाओं का क्रियान्वयन कर्मचारी-अधिकारियों के द्वारा हो रहा है।
क्या है फैडरेशन की मांग
केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाए। (मोदी की गारंटी)
DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए। (मोदी की गारंटी)
सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दिया जाए।पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।
सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए।नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए।
अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण की जाए।
प्रदेश में कैशलेश सुविधा लागू की जाए।
अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।
दैनिक,अनियमित,संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बने।
सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जावे, जैसे मुद्दे शामिल है।



