टीआरपी। retirement farewell at home : सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले एक वन कर्मी को पैरालिसिस हो जाने से वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया। जब, वह सेवानिवृत्ति पर आयोजित समारोह में नहीं पहुंच पाया, तब विभाग वालों ने उसके घर पहुंचकर सेवनिवृत्ति की विदाई दी। इस दौरान वन कर्मी की आंखों से आंसू आ गए और उसने सभी का आभार जताया।

जगदलपुर स्थित कलेक्टोरेट के आस्था कक्ष में 16 सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया था। इस अवसर पर वन विभाग के कर्मी दिलराज दास का नाम भी शामिल था, किंतु सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पूर्व उन्हें लकवा (पैरालिसिस) का गंभीर आघात लगा। जिससे वे चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। समारोह में उपस्थित होने की उनकी गहरी इच्छा स्वास्थ्यगत विवशता के कारण अधूरी रह गई।

जब यह विषय कलेक्टर आकाश छिकारा के संज्ञान में आया, तो उन्होंने मानवीय संवेदना के साथ त्वरित निर्णय लेते हुए कहा कि यदि कर्मचारी समारोह में नहीं आ सकता, तो प्रशासन स्वयं उसके घर जाएगा। कलेक्टर के निर्देश पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी अनिल कुमार पाठक ने सहायक कोषालय अधिकारी ममता ध्रुव एवं कोषालय स्टाफ के साथ दिलराज दास के निवास पर पहुंचकर उन्हें पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) सहित सभी सेवांत लाभ सम्मानपूर्वक सौंपे।

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अपने वरिष्ठ अधिकारियों को अपने द्वार पर पाकर दिलराज दास और उनके परिजन भावुक हो उठे। यह पहल उनके लिए केवल आर्थिक संबल नहीं, बल्कि सम्मान, भरोसे और आत्मीयता का प्रतीक बनी।