• Home
  • Chhattisgarh
  • Madhya Pradesh
  • National
  • International
  • Crime
  • Politics
  • Sports
  • Others
    • Jobs & Career
      • TRP Jobs News
      • Education News TRP
    • Bollywood
    • Bureaucracy
    • Editorial
      • Opinion Articles TRP
    • Surgery
  • About TRP
  • ePaper TRP – The Rural Post
  • Contact Us
  • Manage Subscriptions
  • Facebook Page
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • Koo
Skip to content
  • About TRP
  • ePaper TRP – The Rural Post
  • Contact Us
  • Manage Subscriptions
  • Facebook Page
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • Koo
TRP LOGO

The Rural Press

Redefining Journalism

  • Home
  • Chhattisgarh
  • Madhya Pradesh
  • National
  • International
  • Crime
  • Politics
  • Sports
  • Others
    • Jobs & Career
      • TRP Jobs News
      • Education News TRP
    • Bollywood
    • Bureaucracy
    • Editorial
      • Opinion Articles TRP
    • Surgery
समाचार The Rural Press » Scam » राजधानी के रविवि डाकघर में करोड़ों का हुआ सेविंग अकाउंट घोटाला, उपभोक्ता आयोग ने पीड़ितों को भुगतान का दिया आदेश
Posted inScam

राजधानी के रविवि डाकघर में करोड़ों का हुआ सेविंग अकाउंट घोटाला, उपभोक्ता आयोग ने पीड़ितों को भुगतान का दिया आदेश

by Shami ImamFebruary 3, 2026February 3, 2026

रायपुर। राजधानी रायपुर के रविशंकर विश्वविद्यालय स्थित उप डाकघर में बचत योजना में बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। इस मामले में छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता संरक्षण आयोग ने पीड़ित खाताधारकों को करोड़ों रुपये के भुगतान का आदेश दिया है।

एजेंट और स्टाफ की मिलीभगत से हुआ घोटाला

आयोग ने स्पष्ट रूप से माना है कि एजेंट और विभागीय कर्मचारियों, विशेषकर पोस्टमास्टर की मिलीभगत के बिना इस प्रकार का अनियमित आहरण संभव नहीं था। 

आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिवादी अनिल कुमार पाण्डेय, उनकी पत्नी एवं पुत्री द्वारा अगस्त 2016 से नवंबर 2020 के बीच  रविशंकर विश्वविद्यालय उप डाकघर में डाक बचत अभिकर्ता भूपेन्द्र पाण्डेय एवं आकांक्षा पाण्डेय के माध्यम से कुल 19 टर्म डिपॉजिट रसीद (TDR) खाते और 2 आवर्ती जमा (RD) खाते खुलवाए गए थे। इन सभी खातों में जमा कुल राशि लगभग 1.97 करोड़ रुपये थी।

इस तरह की गई हेराफेरी

पीड़ित परिवार का आरोप है कि पूर्व में परिपक्व हुए खातों की राशि को पुनः निवेश करने के लिए आवश्यक प्रपत्रों पर उनसे हस्ताक्षर कराए गए और पोस्टमास्टर के नाम से चेक भी जारी कराए गए। इसके बाद उन्हें नई पासबुकें प्रदान की गईं, जिन पर डाकघर की आधिकारिक मुहर और पोस्टमास्टर के हस्ताक्षर अंकित थे। इससे खाताधारकों को यह विश्वास हो गया कि उनकी राशि सुरक्षित है और नियमानुसार निवेशित की जा चुकी है। हालांकि, बाद में यह सामने आया कि एजेंट भूपेंद्र पांडे ने डाकघर के कुछ कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत से खाताधारकों की जानकारी और अनुमति के बिना खातों से भारी रकम का आहरण कर लिया। पीड़ितों ने जब इस अनियमितता को लेकर डाक विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई, तब भी विभाग की ओर से न तो उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही संदिग्ध खातों को समय रहते होल्ड  किया गया। इस लापरवाही से पीड़ितों को भारी आर्थिक और मानसिक क्षति उठानी पड़ी। 

See also  पापुनि ने किया एनसीईआरटी 11वीं-12वीं की किताबें छापने से तौबा

न्याय पाने उपभोक्ता आयोग की शरण

न्याय न मिलने पर पीड़ित परिवार ने  वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता संरक्षण आयोग का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया एवं सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के दस्तावेजों, पासबुक, खाता विवरण और शिकायत रिकॉर्ड का गहन परीक्षण किया गया। आयोग ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि पासबुक जारी करना, उस पर पोस्टमास्टर के हस्ताक्षर और डाकघर की मुहर लगना तथा खातों से राशि का आहरण ये सभी प्रक्रियाएं विभागीय कर्मचारियों की संलिप्तता के बिना संभव नहीं हैं। आयोग ने यह भी माना कि एजेंट की भूमिका संदिग्ध होने के बावजूद डाक विभाग द्वारा उसके खिलाफ समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जो सीधे तौर पर सेवा में गंभीर कमी को दर्शाता है। 

आयोग ने दिया ये आदेश

सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए परिवादी के 18 टीडीआर खातों की परिपक्वता राशि का भुगतान करने का आदेश पारित किया। आदेश के अनुसार, भारतीय डाक विभाग को 45 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को कुल 1 करोड़ 91 लाख 39 हजार 965 रुपये का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही परिवाद प्रस्तुत किए जाने की तिथि 20 नवंबर 2023 से भुगतान की तिथि तक 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा। इतना ही नहीं, आयोग ने पीड़ित परिवार को हुई मानसिक पीड़ा, तनाव और उत्पीड़न को ध्यान में रखते हुए 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में तथा 15 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।

See also  CG Politics: जगदलपुर के आमाबाल में मोदी की आम सभा आज, 12 बजे पहुंचेंगे पीएम,सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

आयोग ने अपने आदेश में यह भी संकेत दिया कि इस प्रकार की घटनाएं आम नागरिकों के डाक व्यवस्था पर भरोसे को गहरा आघात पहुंचाती हैं। राज्य उपभोक्ता आयोग के इस फैसले को डाक विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि भविष्य में इस तरह के घोटालों पर अंकुश लगाने के लिए भी एक मजबूत संदेश देता है।

Tagged: account scam, Consumer Commission, post office

Post navigation

Previous भारत-अमेरिका के बीच फाइनल हुआ व्यापार समझौता, अब 50 की जगह सिर्फ 18% लगेगा टैरिफ; जानिए, किन सेक्‍टर्स को होगा फायदा? 
Next रायपुर निगम ने प्लेसमेंट का ठेका किया निरस्त, एफडीआर की रकम राजसात की

Ro no. 13848/20

  • Facebook Page
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • Koo

About S S B Media House, established in 2016 and headquartered in Raipur, Chhattisgarh, is a leading news media company committed to delivering comprehensive, accurate, and timely news coverage. We focus on bridging the information gap and providing valuable insights to our audience, with a special emphasis on rural communities. Our commitment to quality journalism is reflected in our two distinct brands: TheRuralPress.in and trp.news The Rural Post.

Editor: Uchit Sharma
[email protected]
[email protected]
91-7714041421
The Rural Press
S S B Media House
House No. 31/240,
Near Central Bank of India, Civil Lines
Raipur, 492001
Chhattisgarh India

  • About Us
  • Who we are
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Facebook
  • Twitter
  • Instagram
  • YouTube
  • LinkedIn
© 2026 Powered by SSB Media House Powered by Newspack Privacy Policy