टीआरपी। raipur : नवा रायपुर में स्थित शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के दूसरे चरण (फेस-2) का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने जा रहा है। आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों और आर्किटेक्ट्स की बैठक लेकर इसकी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
यह परियोजना छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के गौरव को सहेजने के साथ-साथ प्रदेश में पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया आयाम देगी। कन्वेंशन सेंटर और आर्ट गैलरी बनने से स्थानीय कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस होगा परिसर
संग्रहालय के दूसरे चरण में एक भव्य कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा, जिसमें ऑडिटोरियम, आर्ट गैलरी, प्रदर्शनी हॉल, मीटिंग रूम, प्रशासनिक भवन और फूड कोर्ट जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी। इसके अलावा परिसर में स्थित नंद सागर का सौंदर्यीकरण कर वहां आकर्षक फाउंटेन और बागवानी की जाएगी।
प्रमुख सचिव ने बैठक में स्पष्ट किया कि संग्रहालय को पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक बनाने के लिए यहां कैफेटेरिया, गढ़ कलेवा और अन्य दुकानें भी खोली जाएंगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कन्वेंशन सेंटर के डिजाइन और लेआउट में आवश्यक संशोधन कर इसे जल्द अंतिम रूप दें।
प्रधानमंत्री ने किया था पहले चरण का शुभारंभ
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की रजत जयंती (1 नवंबर) के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का शुभारंभ किया था। इससे पहले मई 2025 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय जीवन शैली पर आधारित संग्रहालय का उद्घाटन किया था। इन संग्रहालयों की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अब फेस-2 के कार्य में तेजी लाई जा रही है।
कार्ययोजना फाइनल होते ही निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस संग्रहालय के पूर्ण होने के बाद नवा रायपुर न केवल प्रशासनिक केंद्र, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी विरासत के एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में भी उभरेगा।


