नई दिल्ली। देश में रसोई गैस की संभावित किल्लत और जमाखोरी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने तत्काल प्रभाव से Essential Commodities Act, 1955 और एस्मा (ESMA) लागू कर दिया है। इस फैसले के बाद अब गैस एजेंसियां और रिफाइनरियां अपनी मर्जी से स्टॉक नहीं रोक पाएंगी। साथ ही, उपभोक्ताओं के लिए भी सिलेंडर मिलने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है।
पेट्रोकेमिकल प्लांट्स को बड़ा आदेश
दरअसल, अब तक जो रिफाइनरियां और पेट्रोकेमिकल प्लांट अपनी गैस का इस्तेमाल औद्योगिक उत्पाद बनाने में करते थे, उन पर पाबंदी लगा दी गई है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी पेट्रोकेमिकल कंपनियां अपनी गैस का इस्तेमाल अब दूसरे कामों के लिए नहीं कर सकेंगी। उन्हें अपनी पूरी गैस सीधे ‘एलपीजी पूल’ में भेजनी होगी, ताकि आम जनता के घरों तक पहुंचने वाली रसोई गैस की सप्लाई में कोई कमी न आए।
क्या है EC एक्ट और एस्मा (ESMA)?
दरअसल, आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) सरकार को यह शक्ति देता है कि वह किसी भी जरूरी चीज (जैसे राशन या गैस) के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित कर सके। इसके लागू होने से कोई भी व्यापारी या एजेंसी सिलेंडर का स्टॉक नहीं छिपा पाएगी। गैस को ऊंचे दामों पर बेचना अब जेल की सजा दिला सकता है। एस्मा लागू होने के बाद गैस एजेंसियों के कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकते और उन्हें हर हाल में डिलीवरी सुनिश्चित करनी होगी।
21 दिन का ‘वेटिंग पीरियड’: अब बुकिंग के तुरंत बाद नहीं मिलेगा सिलेंडर
अब उपभोक्ता द्वारा बुकिंग कराने के 21वें दिन ही पर्ची (Refill Slip) निकलेगी। यानी बुकिंग कराते ही तुरंत सिलेंडर मिलने की उम्मीद अब नहीं की जा सकती। एजेंसी संचालकों का कहना है कि यदि आपूर्ति 21 दिन बाद होनी है, तो बुकिंग सिस्टम में भी बदलाव जरूरी है ताकि ग्राहक तुरंत सिलेंडर की मांग न करें।
साल में कितने सिलेंडर मिलेंगे?
हैरानी की बात यह है कि सरकार ने सिलेंडर के वार्षिक कोटे को लेकर भी स्थिति साफ कर दी है। उपभोक्ताओं को मिलने वाले सिलेंडरों का गणित कुछ इस प्रकार है:
- सब्सिडी वाले सिलेंडर: एक साल में अधिकतम 12 सिलेंडर।
- बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर: सब्सिडी खत्म होने के बाद केवल 3 और सिलेंडर लिए जा सकते हैं।
- कुल सीमा: एक साल में एक कनेक्शन पर अधिकतम 15 सिलेंडर ही मिल सकेंगे।
प्रशासन की अगली कार्रवाई और जनता के लिए संदेश
इस आदेश के बाद प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बुकिंग के नियमों का पालन करें और कालाबाजारी की शिकायतों पर कड़ी नजर रखें। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे पैनिक न करें और गैस की बुकिंग समय पर करें। 21 दिन के गैप को ध्यान में रखते हुए अपने स्टॉक का प्रबंधन पहले से कर लें।



