टीआरपी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति ने छत्तीसगढ़ को वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए 15.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता मंजूर की है। यह राशि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष से जारी की जाएगी ताकि राज्य में पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को गति मिल सके।
राहत और पुनर्वास कार्यों को मिलेगी गति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश के विभिन्न राज्यों के लिए कुल 1,912.99 करोड़ रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार आपदा की घड़ी में छत्तीसगढ़ के साथ मजबूती से खड़ी है।
यह सहायता विशेष रूप से उन नुकसानों की भरपाई के लिए है जो बाढ़, फ्लैश फ्लड और चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ के कारण हुए थे। राज्य सरकार अब इस राशि का उपयोग स्थानीय स्तर पर राहत शिविरों के संचालन और आपदा जोखिम को कम करने वाले दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों को मजबूत करने में करेगी।
अन्य राज्यों के साथ तुलनात्मक आंकड़े
केंद्र सरकार ने केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान देश के 28 राज्यों को आपदा प्रबंधन के लिए व्यापक वित्तीय सहायता प्रदान की है।
| फंड का नाम | जारी कुल राशि (भारत) | लाभार्थी राज्य |
| SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष) | 20,735.20 करोड़ रुपये | 28 राज्य |
| NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष) | 3,628.18 करोड़ रुपये | 21 राज्य |
| SDMF (शमन कोष) | 5,373.20 करोड़ रुपये | 23 राज्य |
यह फंड छत्तीसगढ़ के उन क्षेत्रों के लिए संजीवनी साबित होगा जो पिछले मानसून के दौरान बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुए थे। अतिरिक्त बजट मिलने से प्रभावित परिवारों को मुआवजा और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत का काम बिना किसी वित्तीय रुकावट के तेजी से पूरा हो सकेगा। राज्य सरकार अब जिला कलेक्टरों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की सूची और प्राथमिकता के आधार पर इस राशि का आवंटन शुरू करेगी। अगले कुछ हफ्तों में प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण परियोजनाओं की निविदाएं और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।



