बिलासपुर। प्रदेश भर में सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण को हटाने के अभियान का बेजा कब्जाधारियों पर जरा भी असर नहीं पड़ रहा है। तभी तो ऐसे लोग शमशान घाट को भी नहीं छोड़ रहे हैं। बिलासपुर जिले के सीपत तहसील मुख्यालय में ऐसा ही वाकया हुआ है। यहां नवाडीह बस्ती के पीछे स्थित सर्व हिंदू समाज के श्मशान घाट की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जाधारी ने न सिर्फ मकान का निर्माण कराया बल्कि 25 दिन पहले दफनाए गए मृतक की कब्र पर भी जेसीबी चलवा दी। घटना के सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

इसी जगह पर कब्र थी रामकुमार सूर्यवंशी की
जानकारी के मुताबिक, इस गांव में खसरा नंबर 967 श्मशान घाट के लिए आरक्षित सरकारी भूमि है, जहां वर्षों से शव दफनाए जाते रहे हैं। इसी भूमि से लगे क्षेत्र में बिल्हा विकासखंड के ग्राम रामपुर ढोढ़ी निवासी रामखिलावन पटेल ने करीब 7 वर्ष पूर्व खसरा नंबर 938 रकबा 2.43 हेक्टेयर (60 डिसमिल) एवं खसरा नंबर 867/3 रकबा 15 डिसमिल कुल 75 डिसमिल जमीन खरीदी थी। खरीदी गई भूमि पर उसने पोल्ट्री फार्म और सब्जी बाड़ी तैयार की, लेकिन बाद में श्मशान घाट की सरकारी भूमि पर भी कब्जा कर आलीशान दो मंजिला मकान खड़ा कर लिया। अब तक उसने लगभग 4 एकड़ सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया है।

विरोध के बावजूद जारी रहा कब्जा
ग्रामीणों का आरोप है कि मकान निर्माण के दौरान कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उसे श्मशान घाट की भूमि खाली करने के लिए कहा, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। हालात तब और गंभीर हो गए जब 25 दिन पहले दफन किए गए 62 वर्षीय रामकुमार सूर्यवंशी की कब्र को जेसीबी से समतल कर वहां तार फेंसिंग कर कब्जा कर लिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही बुधवार सुबह जनपद पंचायत सभापति मनोज खरे, सरपंच प्रतिनिधि योगेश वंशकार, द्वारिका प्रसाद खरे, लच्छी वर्मा,पोषण सत्यार्थी,दिनेश विजय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह आलीशान मकान भी सरकारी जमीन पर निर्माण हुआ है। जनपद पंचायत सभापति मनोज खरे ने कहा कि श्मशान घाट की जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति के पास केवल 60 डिसमिल जमीन है, लेकिन उसने करीब 4 एकड़ भूमि पर कब्जा कर लिया है। इसकी शिकायत प्रशासन से कर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।
बेजा कब्जाधारियों की भरमार
सरपंच प्रतिनिधि योगेश वंशकार ने बताया कि सीपत में बेजा कब्जाधारियों की बाढ़ आ गई है। अब हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सरकारी जमीनों के साथ श्मशान घाट में दफन मुर्दे भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। पंचायत और प्रशासन स्तर पर जल्द कार्रवाई के लिए पहल की जाएगी। वहीं द्वारिका प्रसाद खरे ने आक्रोश जताते हुए कहा कि श्मशान घाट की जमीन को हर हाल में कब्जामुक्त कराया जाएगा। जरूरत पड़ी तो अवैध रूप से बने दो मंजिला मकान को हटाने की भी मांग की जाएगी, क्योंकि यह गांव की सार्वजनिक भूमि है और यहां किसी को मनमानी नहीं करने दी जाएगी।आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जांच कर कब्जा हटाने, श्मशान घाट की भूमि को सुरक्षित करने और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


