रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर आ रही है। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को भी अब घर बैठे काम करने का मौका मिल सकता है। दिल्ली की तर्ज पर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने सीधे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मुख्य सचिव को एक चिट्ठी भेज दी है। इसमें मांग की गई है कि प्रदेश के कर्मचारियों को भी हफ्ते में वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करने की छूट मिले। सरकार भी इस पर विचार कर सकती है।
पीएम मोदी की अपील का असर, मंत्रियों ने घटाईं गाड़ियां
दरअसल, यह पूरा मामला पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत और बचत से जुड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ईंधन बचाने की एक अपील की थी। इसका असर रायपुर में साफ दिख रहा है। छत्तीसगढ़ के कई मंत्रियों ने तो अपने काफिले से गाड़ियों की संख्या कम भी कर दी है। अब इसी राह पर चलते हुए कर्मचारी संघ ने नया पैंतरा चला है। उनका कहना है कि जब काम ऑनलाइन हो सकता है, तो दफ्तर आने का पेट्रोल क्यों फूंका जाए।

नया रायपुर मंत्रालय के कर्मचारियों पर फोकस
संघ ने अपनी चिट्ठी में सबसे बड़ा तर्क नया रायपुर को लेकर दिया है। रायपुर शहर से रोजाना हजारों कर्मचारी अपनी गाड़ी उठाकर नया रायपुर मंत्रालय और दूसरे बड़े दफ्तरों के लिए दौड़ लगाते हैं। इसमें रोज लाखों का तेल जलता है। सूत्रों की मानें तो संघ ने साफ कहा है कि जब सरकार ने पहले ही ‘ई-ऑफिस’ और डिजिटल सिस्टम लागू कर दिया है, तो फाइलें घर से भी निपटाई जा सकती हैं। इससे प्रदूषण भी कम होगा और कर्मचारियों का पैसा भी बचेगा।
दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने बदल दिए नियम
छत्तीसगढ़ के कर्मचारी असल में दिल्ली सरकार के एक बड़े फैसले के बाद एक्टिव हुए हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वहां के सरकारी दफ्तरों के लिए नया नियम जारी कर दिया है। दिल्ली में अब कर्मचारी हफ्ते में दो दिन घर से ही काम करेंगे। इतना ही नहीं, वहां ट्रैफिक जाम से बचने के लिए दफ्तरों का समय भी बदल दिया गया है। दिल्ली सरकार के ऑफिस अब सुबह 10:30 से शाम 7:00 बजे तक चलेंगे, जबकि नगर निगम के दफ्तर सुबह 8:30 बजे ही खुल जाएंगे।
व्यापारियों और निजी कंपनियों से भी अपील
दिल्ली सरकार ने सिर्फ सरकारी कर्मचारियों को ही राहत नहीं दी है, बल्कि प्राइवेट कंपनियों से भी दो दिन वर्क फ्रॉम होम देने को कहा है। इसके अलावा, वहां अगले 6 महीने तक कोई नई सरकारी गाड़ी नहीं खरीदी जाएगी। व्यापारियों से भी कहा गया है कि वे ट्रकों की जगह ट्रेनों से माल मंगाएं। अब ठीक इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ के कर्मचारी भी अपने लिए आदेश जारी करवाने के मूड में हैं। देखना होगा कि सीएम साय इस पर क्या फैसला लेते हैं।


