टीआरपी। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुई भीषण आगजनी और छात्रों की दुखद मृत्यु के हादसे से सबक लेते हुए नगर पालिक निगम रायपुर ने राजधानी में कड़ा एक्शन लिया है। सुरक्षा के मद्देनजर संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख कोचिंग संस्थानों अनअकादमी, आरसीसी, अकादजा, विद्यापीठ एवं एलन का औचक निरीक्षण कर अग्नि एवं लिफ्ट सुरक्षा मानकों का जायजा लिया।
लखनऊ जैसी गंभीर और दिल दहला देने वाली घटनाएं देश के अन्य किसी हिस्से में न दोहराई जाएं, इसके लिए यह प्रशासनिक मुस्तैदी बेहद जरूरी है। रायपुर के इन बड़े संस्थानों में हजारों स्थानीय और बाहरी छात्र पढ़ते हैं, जिनकी सुरक्षा और वेंटिलेशन से जुड़ी कमियों को समय रहते दूर कराना उनके जीवन की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर कड़ा एक्शन
यह संयुक्त कार्रवाई रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार, निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश एवं नगर निवेशक अभाष मिश्रा के मार्गदर्शन में शासन के दिशा-निर्देशों के तहत की गई। निरीक्षण के दौरान एलन, अनअकादमी और विद्यापीठ में क्लासरूम के भीतर निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक विद्यार्थियों को बैठाने और वेंटिलेशन (हवा की निकासी) संबंधी बड़ी खामियां पाई गईं।
इसके साथ ही, अकादजा और आरसीसी संस्थानों में हालात और भी चिंताजनक मिले, जहां फायर सेफ्टी अनुपालन, वेंटिलेशन और आपातकालीन प्रवेश-निकास व्यवस्था लचर थी। निगम की टीम में शामिल मुख्यालय के प्रभारी सहायक अभियंता सोहन गुप्ता, सहायक अभियंता अंकुर अग्रवाल (जोन-6), उप अभियंता सागर ठाकुर (जोन-6) और अग्निशमन विभाग के अमले ने कड़ी चेतावनी देते हुए संबंधित जोनों के माध्यम से सभी संस्थानों को नियमानुसार नोटिस जारी कर दिया है।

निरीक्षण का दायरा: लखनऊ हादसे के बाद रायपुर के 5 प्रमुख कोचिंग संस्थानों में बड़ी प्रशासनिक चेकिंग की गई।
क्षमता से अधिक भीड़: 3 बड़े संस्थानों (एलन, अनअकादमी, विद्यापीठ) में तय क्षमता से अधिक बच्चे ठसाठस भरे मिले।
सुरक्षा में बड़ी चूक: 2 संस्थानों (अकादजा, आरसीसी) में फायर सेफ्टी, वेंटिलेशन और इमरजेंसी एग्जिट में गंभीर कमियां पाई गईं।
कार्रवाई की समयसीमा: सभी दोषी कोचिंग संचालकों को कमियां दूर करने के लिए केवल 1 सप्ताह (7 दिन) का अल्टीमेटम दिया गया है।
रायपुर नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित एक सप्ताह की समयसीमा के भीतर सभी कोचिंग संस्थानों ने अपनी सुरक्षा कमियों का निराकरण कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की, तो नियमों के तहत सीधे संस्थान को सील करने और वैधानिक दंडात्मक कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


