छत्तीसगढ़ की जेलों में कैदियों की मौत के मामले पर विधानसभा में चर्चा

CG Assembly : छत्तीसगढ़ की जेलों में पिछले पांच वर्षों के दौरान कुल 375 कैदियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है, जिसके आंकड़े विधानसभा में पेश किए गए हैं। गृह मंत्री विजय शर्मा ने स्वीकार किया है कि अब तक 62 मामलों में जांच रिपोर्ट पूरी नहीं हो सकी है, जो जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

यह मुद्दा प्रदेश के मानवाधिकारों और जेल सुधारों से सीधे जुड़ा है। जेल अभिरक्षा में लगातार हो रही मौतों और जांच में हो रही देरी ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं की पोल खोल दी है, जिससे आम जनता और मानवाधिकार संगठनों में गहरा रोष है।

373 मामलों में दंडाधिकारी या न्यायिक जांच के आदेश

कांग्रेस विधायक उमेश पटेल द्वारा पूछे गए एक लिखित प्रश्न के जवाब में गृह मंत्री ने 1 जनवरी 2021 से 25 जून 2026 तक का विवरण सदन में रखा। आंकड़ों के अनुसार, इन वर्षों में कुल 375 कैदियों ने जेल के भीतर दम तोड़ा है। इनमें से 373 मामलों में दंडाधिकारी या न्यायिक जांच के आदेश दिए गए थे। राहत की बात यह है कि 2021 और 2023 के सभी मामलों की जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन हालिया वर्षों के आंकड़े चिंताजनक हैं।

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2022 में सबसे अधिक 90 कैदियों की मौत

विशेष रूप से वर्ष 2022 में सबसे अधिक 90 कैदियों की मौत दर्ज की गई थी। इसके अलावा, 2026 में अब तक 35 मौतें हो चुकी हैं, जिनमें से केवल 3 मामलों की जांच पूरी हो पाई है और 32 रिपोर्ट अभी भी लंबित हैं। वहीं, 2025 में हुई 55 मौतों में से 27 मामलों की जांच प्रक्रिया अभी भी अधूरी है। विपक्ष ने Detailsइन लंबित रिपोर्टों को जल्द सार्वजनिक करने और जेलों में चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।

विधानसभा में पेश इन आंकड़ों के बाद अब सरकार पर दबाव है कि वह लंबित जांच रिपोर्टों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करे। यदि इन मौतों के पीछे कोई लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और जेल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग और तेज हो सकती है।

विधानसभा में चर्चा के मुख्य तथ्य

1 – छत्तीसगढ़ की जेलों में पांच वर्षों में कितनी मौतें हुई

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छत्तीसगढ़ के विविध जिलों की जेलों में वर्ष 2021 से लेकर 2026 तक कुल 375 कैदियों की मौतें हुई

2 – कैदियों की मौतों पर क्या न्यायिक जांच की गई।

विधानसभा में मंत्री ने जवाब में बताया कि 373 मामलों में न्यायिक जांच के आदेश दिए गए।

3 – कितने मामलों की जांच की रिपोर्ट आई और कितने मामले पेंडिंग हैं।

373 मामलों की जांच के आदेश के पश्चात 62 मामले पेंडिंग है, शेष मामलों की रिपोर्ट आ गई है।

4 – सबसे अधिक मौतें किस वर्ष में हुई।

वर्ष 2022 में सबसे ज्यादा 90 मौतें जेलों में हुई।

5 – 2026 में अब तक कितनी मौतें हुई और कितने मामलों की जांच हुई

वर्ष 2026 में अब तक 35 मौतें जेलों में हुई है। इनमें से 3 मामलों की जांच पूरी हो चुकी है और 32 मामले लंबित है।