Police forces setting up barricades near Ram Mandir Raipur to stop Congress protest march.
Heavy police deployment and barricading in Raipur during the Congress protest against Nakti village demolition.

Raipur News : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इस वक्त सियासी पारा पूरी तरह गरमाया हुआ है। रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सड़क पर उतर आया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेसी नेता और प्रभावित परिवार राजभवन तक 14 किलोमीटर की विशाल पदयात्रा कर रहे हैं। यह पदयात्रा इस समय वीआईपी चौक को पार कर राजभवन की तरफ लगातार आगे बढ़ रही है। रास्ते में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली है। इस बड़े प्रदर्शन का सीधा असर रायपुर की यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। वीआईपी रोड और तेलीबांधा इलाके में गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं।

इस आंदोलन के दौरान बेहद भावुक और रणनीतिक तस्वीरें भी सामने आई हैं। पदयात्रा के दौरान ही कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और बेघर हुए प्रभावित परिवारों ने सड़क पर एक साथ बैठकर दोपहर का भोजन किया। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी दोबारा राजभवन की ओर रवाना हुए।

पदयात्रा के दौरान बिगड़े हालात

जैसे ही कांग्रेस की यह न्याय यात्रा मेक इन इंडिया चौक के पास पहुंची, वहां हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले से ही मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी। बेघर हुए परिवारों और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। नतीजतन, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने आंदोलनकारियों को खदेड़ने की कोशिश की, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।

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इस झड़प के दौरान प्रदर्शन में शामिल कई पीड़ित महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं का कहना है कि महिला पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बलपूर्वक मारपीट की है। इसके बावजूद महिलाएं पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। वे ‘नकटी में ही घर बनाओ’ के नारे लगाते हुए सरकार से अपने पुनर्वास की मांग कर रही हैं। महिलाओं ने साफ कहा है कि जब तक उन्हें राज्यपाल से मिलने नहीं दिया जाता, वे अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगी।

बता दे कि कांग्रेस का एक सीमित प्रतिनिधिमंडल ही राज्यपाल से मुलाकात करने राजभवन जाएगा। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा, अनिला भेड़िया और प्रमोद दुबे शामिल रहेंगे, जो राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे।

29 जून की कार्रवाई बनी आंदोलन की वजह

इस पूरे विवाद की शुरुआत 29 जून को हुई थी। प्रशासन ने नकटी गांव में एक बड़ी बुलडोजर कार्रवाई करते हुए कई गरीब परिवारों के मकानों को ध्वस्त कर दिया था। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने बिना किसी उचित वैकल्पिक व्यवस्था के गरीबों के सिर से छत छीन ली। कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने कहा कि जब तक विस्थापितों को नकटी गांव में ही दोबारा घर नहीं मिल जाता, तब तक उनकी यह लड़ाई जारी रहेगी। सोमवार को राजीव भवन में मलकीत सिंह गैदू, धनेन्द्र साहू और एजाज ढेबर जैसे वरिष्ठ नेताओं ने इस आंदोलन की पूरी रणनीति तैयार की थी।

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FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

  1. रायपुर के नकटी गांव में क्या विवाद चल रहा है?

प्रशासन ने 29 जून को नकटी गांव में एक बड़ी बुलडोजर कार्रवाई की थी, जिसमें कई गरीब परिवारों के मकान तोड़ दिए गए थे। इसी कार्रवाई का विरोध हो रहा है।

  1. कांग्रेस इस मामले में क्या कदम उठा रही है?

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में पार्टी प्रभावित परिवारों को न्याय और पुनर्वास दिलाने के लिए नकटी से राजभवन तक 14 किलोमीटर की पदयात्रा कर रही है।

  1. प्रदर्शन के दौरान मेक इन इंडिया चौक पर क्या हुआ?

मेक इन इंडिया चौक पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिससे पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच भारी धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बन गई।

  1. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज बीच रास्ते से कार से क्यों गए?

पदयात्रा के दौरान दीपक बैज के पैर में पुरानी मोच के कारण अचानक दर्द बहुत ज्यादा बढ़ गया, इसलिए उन्हें कार से राजभवन के लिए आगे बढ़ना पड़ा।

  1. रायपुर के किस मार्ग पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है?
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श्रीराम मंदिर तिराहा (करेंसी टॉवर) से तेलीबांधा थाना तिराहा तक की सर्विस रोड को प्रदर्शन के कारण 5 घंटे के लिए पूरी तरह बंद रखा गया है।