Maruti Suzuki showroom and E-20 fuel controversy in Raipur district consumer court case.
रायपुर उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के E-20 मामले पर मारुति सुजुकी अब उच्च मंच पर अपील करेगी।

Raipur E-20 Controversy: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में Raipur E-20 Controversy ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में एक बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी ने कड़ा रुख अपनाया है। कंपनी अब जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के आदेश को चुनौती देगी। आयोग ने कंपनी को ग्राहक की कार बदलने या पूरी रकम वापस करने का निर्देश दिया था।

कंपनी का क्या है कहना?

मारुति सुजुकी ने कहा कि उन्हें जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश की जानकारी मिली है। कंपनी का दावा है कि जिस कार को लेकर शिकायत की गई, वह पूरी तरह E-20 अनुकूल है। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राहक के वाहन में मिले ईंधन में मिलावट है।

इसके अलावा, कंपनी के अनुसार, आयोग ने कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया है। यही वजह है कि मारुति सुजुकी कानून के तहत उचित उच्च मंच पर अपील करेगी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वे अपने पक्ष को मजबूती से सामने रखेंगे।

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जानिए क्या है पूरा मामला?

सड्डू (रायपुर) निवासी डॉ. प्रेमराज देवता ने 3 जून 2024 को ग्रैंड विटारा कार खरीदी थी। हालांकि, 11 नवंबर 2024 को कार में अचानक बड़ी तकनीकी खराबी आ गई। वर्कशॉप के अनुसार, यह समस्या पेट्रोल में मिलावट के कारण हुई थी।

बार-बार रिपेयरिंग के बाद भी कार लगातार खराब होती रही। इसके बाद डॉक्टर ने पेट्रोल की लैब जांच कराई। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पेट्रोल इंजन के अनुकूल नहीं था। नतीजा यह हुआ कि इंजन बार-बार चोक होने लगा था। कंपनी ने निर्माण में किसी भी गलती से साफ इनकार कर दिया।

उपभोक्ता आयोग ने क्या फैसला दिया?

आयोग ने माना कि इसमें उपभोक्ता की कोई गलती नहीं थी। वाहन का इंजन देश में उपलब्ध E-20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं पाया गया। भारत सरकार वर्तमान में E-20 पेट्रोल को काफी बढ़ावा दे रही है।

आयोग ने डीलर और कंपनी को कड़ी फटकार लगाई है। फैसले के अनुसार, 45 दिनों में दूसरी कार देनी होगी। यदि ऐसा नहीं होता है, तो पूरी कीमत 20,50,494 रुपये लौटानी होगी। साथ ही 1 लाख रुपये हर्जाना और 10,000 रुपये वाद व्यय देना होगा।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. रायपुर में विवाद का मुख्य कारण क्या है?
विवाद E-20 पेट्रोल के अनुकूल न होने वाली कार में आई तकनीकी खराबी से जुड़ा है।

2. मारुति सुजुकी ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
कंपनी ने इसे मिलावटी पेट्रोल का मामला बताते हुए उच्च मंच पर चुनौती देने की बात कही है।

3. लैब जांच में क्या मिला?
लैब रिपोर्ट के अनुसार पेट्रोल इंजन के अनुकूल नहीं था, जिससे इंजन बार-बार खराब हो रहा था।

4. आयोग ने कंपनी को क्या निर्देश दिए हैं?
कंपनी को नई कार देने या 20.50 लाख से अधिक की राशि लौटाने का आदेश दिया गया है।

5. E-20 पेट्रोल क्या होता है?
यह 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण है, जिसे प्रदूषण कम करने के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है।