Rajouri Poonch Flash Flood : जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण भारी तबाही हुई है, जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। सुरनकोट और हवेली क्षेत्रों में आई इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई लोग अब भी लापता हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू कर दिया है। सरकार का मुख्य ध्यान फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और लापता नागरिकों की तलाश करने पर है।
इस आपदा में सबसे ज्यादा नुकसान सुरनकोट इलाके में हुआ है, जहां एक ही परिवार के छह सदस्यों समेत नौ लोगों की मौत हो गई। वहीं हवेली क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की जान चली गई है और कम से कम सात मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गए हैं। पुंछ में 77 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, जिससे निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। लापता लोगों को ढूंढने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें हेलिकॉप्टर और विशेष नावों की मदद ले रही हैं।

हिमाचल के चंबा में गिरा पहाड़, कई रास्ते बंद
जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भी हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। चंबा के भटियात क्षेत्र में लाहडू-सिंहुंता मुख्य मार्ग पर भारी भूस्खलन के कारण पूरा पहाड़ अचानक सड़क पर आ गिरा। यह रास्ता धर्मशाला, चंबा और डलहौजी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़ता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बादल फटने और कम समय में अत्यधिक बारिश होने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जिससे जान-माल का नुकसान अधिक हो रहा है।

केंद्र सरकार ने लिया स्थिति का जायजा
इस गंभीर स्थिति पर नजर रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला से फोन पर बात की है। गृह मंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा, “पुंछ की स्थिति पर केंद्र सरकार पूरी नजर रखे हुए है और राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त फंड और जरूरी संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जा रहे हैं।” राज्य सरकार भी घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए काम कर रही है।
जनजीवन पर असर और मौसम की आगामी चेतावनी
इस भीषण तबाही का सीधा असर पुंछ और चंबा के स्थानीय जनजीवन, यातायात और बाजार पर पड़ा है। रास्ते बंद होने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के लिए अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है। कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जैसे पहाड़ी जिलों में भी अचानक बाढ़ और नए भूस्खलन का खतरा मडरा रहा है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे खराब मौसम में पहाड़ी रास्तों और नदियों के पास जाने से पूरी तरह बचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- पुंछ में भारी बारिश और बाढ़ से अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कुल 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 9 मौतें अकेले सुरनकोट में हुई हैं। - सुरनकोट में हुए हादसे में क्या विशेष जानकारी मिली है?
सुरनकोट में जान गंवाने वाले 9 लोगों में से 6 लोग एक ही परिवार के सदस्य थे, जिनका मकान मलबे में दब गया था। - हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में क्या नुकसान हुआ है?
चंबा के भटियात क्षेत्र में भारी भूस्खलन के कारण पूरा पहाड़ सड़क पर गिर गया, जिससे लाहडू-सिंहुंता मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। - राहत और बचाव कार्य के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
NDRF और SDRF की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। लापता लोगों को खोजने के लिए हेलिकॉप्टर और नावों की मदद ली जा रही है। - मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए क्या चेतावनी दी है?
मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और नए भूस्खलन का अलर्ट जारी रखा है।


