भोपालपटनम/बीजापुर। लगातार भारी बारिश के कारण इंद्रावती नदी उफान पर है। भोपालपटनम क्षेत्र में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इसके बाद नदी किनारे बसे कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। सबसे गंभीर स्थिति चन्दनगिरी गांव की रही जहां 35-40 परिवार के करीब 170 ग्रामीण पानी से घिर गए। प्रशासन ने रातभर विशेष राहत एवं बचाव अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित निकाला।

चन्दनगिरी बना टापू, टूटा सड़क संपर्क
रात होते-होते चन्द्रनगिरी का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया। चारों ओर पानी भरने से गांव टापू में तब्दील हो गया। सूचना मिलते ही एसडीएम यशवंत नाग, तहसीलदार लक्ष्मण राठिया, जनपद सीईओ आदित्य कुंजाम, सरपंच पदमा चिड़ेम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पेरे पुलैया और राहत दल मौके पर पहुंचे। पहले ग्रामीणों को सतर्क किया गया, फिर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को प्राथमिकता देकर सुरक्षित बाहर निकाला गया।

बचाव अभियान रात 12 बजे तक लगातार चला। ग्रामीणों को पास के स्कूल में बने राहत शिविर में ठहराया गया। कई लोग जरूरी सामान और मवेशियों को छोड़कर जान बचाकर निकले।

एसडीएम ने खुद गाड़ी से पहुंचाए ग्रामीण
अधिकारियों ने सिर्फ निगरानी नहीं की बल्कि खुद राहत पर उतरे। एसडीएम यशवंत नाग ने अपनी सरकारी गाड़ी में ग्रामीणों को बैठाकर राहत शिविर तक पहुंचाया।
अधिकारियों ने घर-घर जाकर लोगों को समझाइश देकर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए प्रेरित किया। पुलिस, राजस्व और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम पूरे समय सक्रिय रही।

मट्टीमरका समेत कई गांवों में अलर्ट
बाढ़ का पानी मट्टीमरका गांव तक पहुंच गया, वहां से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
बामनपुर, करकावाय, मीनूर, अट्टूकपल्ली, कंदला, कोंडामौसम, लिंगापुर, नलमपल्ली, गंगाराम, अर्जुनल्ली सहित कई गांवों में बाढ़ का खतरा है। प्रशासन ने इन सभी गांवों में अलर्ट जारी कर निगरानी बढ़ा दी है।

खतरा अभी टला नहीं, प्रशासन अलर्ट पर
ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने और लगातार बारिश के कारण इंद्रावती का जलस्तर अभी भी बढ़ रहा है। राहत एवं बचाव दल, पुलिस और राजस्व अमला पूरी रात सक्रिय रहा।
प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में निगरानी तेज कर दी है। लोगों से नदी और पुलों के पास न जाने और केवल प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। यदि बारिश जारी रही तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

बारिश के चलते बीजापुर में स्कूलों और आंगनबाड़ियों में दो दिन का अवकाश
बीजापुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर 31 जुलाई एवं 1 अगस्त को जिले के सभी शासकीय-अशासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। हालांकि, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों को आवश्यकतानुसार अपने मुख्यालय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर ने जारी की अपील, कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय
बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप ने लोगों से अपील की है कि बहते पानी और पुल-पुलियों को पार न करें। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क करें।
प्रशासन के महत्वपूर्ण संपर्क नंबर
जिला नियंत्रण कक्ष: 7587291848
जिला नोडल अधिकारी मुकेश कुमार देवांगन: 7974547030
एसडीएम भोपालपटनम यशवंत नाग: 9329781207
तहसीलदार भोपालपटनम लक्ष्मण राठिया: 8871196750
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

FAQ: बस्तर बाढ़ अपडेट
सवाल 1. किस नदी में बाढ़ आई है ?
इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है।
सवाल 2. किन गांवों को खतरा है ?
चंदनगिरी, भटपल्ली, तीमेड, ओड़ागुडा, रामपुरम, गेर्रागुडा, गुल्लापेंटा* समेत दर्जनों गांव।
सवाल 3. अब तक क्या राहत कार्य हुआ ?
एसडीएम और तहसीलदार की टीम ने रातभर रेस्क्यू किया। लोगों को राहत शिविर में पहुंचाया गया।
सवाल 4. नदी का वर्तमान जलस्तर कितना है ?
रात 11:00 बजे 16.780 मीटर दर्ज किया गया।
सवाल 5. मदद के लिए कहां संपर्क करें ?
जिला नियंत्रण कक्ष: 7587291848 पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है।


