HPV Vaccination: प्रदेश में 14 वर्षीय बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए संचालित एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान तेजी से सफलता की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से अब तक 1.66 लाख से अधिक पात्र बालिकाओं को एचपीवी की खुराक दी जा चुकी है। स्कूलों, स्थानीय समुदायों और अभिभावकों के साथ लगातार किए जा रहे संवाद के कारण इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है।
अभियान के दौरान छत्तीसगढ़ के कोरिया और बलरामपुर जिलों ने मिसाल कायम करते हुए लक्ष्य के विरुद्ध 100 प्रतिशत टीकाकरण की उपलब्धि हासिल की है। इन जिलों में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रशासन के साझा प्रयासों से हर पात्र बालिका तक टीका पहुंचाया गया। हालांकि शुरुआत में सुरक्षा और प्रभावशीलता को लेकर अभिभावकों में कुछ संकोच था, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किए गए परामर्श और जागरूकता सत्रों के बाद जनविश्वास मजबूत हुआ।
P2P आउटरीच और विशेष परामर्श से बढ़ रही टीकाकरण की गति
जिन क्षेत्रों में टीकाकरण का कवरेज अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष आउटरीच अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत अभिभावक बैठकें, स्कूल स्तरीय संवाद कार्यक्रम और घर-घर जाकर काउंसलिंग गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं और प्रतिदिन बड़ी संख्या में नई बालिकाएं इस सुरक्षा कवच से जुड़ रही हैं।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है एचपीवी वैक्सीन
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण होता है। एचपीवी वैक्सीन इस कैंसर से सुरक्षा प्रदान करने का वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और सुरक्षित माध्यम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सहित कई वैश्विक व राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों ने इसकी प्रभावशीलता को प्रमाणित किया है।
स्वास्थ्य विभाग का स्पष्ट उद्देश्य है कि राज्य की कोई भी पात्र बालिका इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे। कोरिया और बलरामपुर की शत-प्रतिशत सफलता यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ अपनी बेटियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।
(FAQ)
Q1. छत्तीसगढ़ में एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान मुख्य रूप से किस आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए चलाया जा रहा है?
उत्तर: यह टीकाकरण अभियान मुख्य रूप से 14 वर्ष की पात्र बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
Q2. प्रदेश में अब तक कितनी बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण किया जा चुका है?
उत्तर: राज्य में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय समुदायों के सहयोग से अब तक 1.66 लाख से अधिक बालिकाओं को एचपीवी टीका लगाया जा चुका है।
Q3. किन जिलों ने एचपीवी टीकाकरण में 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है?
उत्तर: छत्तीसगढ़ के कोरिया और बलरामपुर जिलों ने समर्पित प्रयासों से अपने निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 100 प्रतिशत टीकाकरण हासिल किया है।
Q4. एचपीवी वैक्सीन क्यों आवश्यक है और यह किस बीमारी से बचाती है?
उत्तर: एचपीवी (Human Papillomavirus) वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर के मुख्य कारण बनने वाले वायरस संक्रमण से बचाती है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रमाणित एक सुरक्षित और प्रभावी टीका है।
Q5. कम कवरेज वाले क्षेत्रों में टीकाकरण का प्रतिशत बढ़ाने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?
उत्तर: कम कवरेज वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर जाकर परामर्श, अभिभावक बैठकें, स्कूल स्तरीय संवाद और जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।


