TRP न्यूज़ की खबर का असर, रेल कॉरिडोर के लिए की गई अवैध खुदाई की राजस्व अमले ने की जांच, अब कार्रवाई का इंतजार
TRP न्यूज़ की खबर का असर, रेल कॉरिडोर के लिए की गई अवैध खुदाई की राजस्व अमले ने की जांच, अब कार्रवाई का इंतजार

कोरबा। TRP न्यूज़ की खबर का एक बार फिर असर हुआ है। कोरबा जिले के वनांचल में रेल कॉरिडोर के लिए की गई अंधाधुंध खुदाई की खबर लगाए जाने के बाद जिले का राजस्व अमला सक्रिय हुआ और स्थल पर जाकर अवैध तरीके से की गई खुदाई की नाप-जोख की। राजस्व अमला इसकी रिपोर्ट खनिज विभाग को सौंपेगा, जिसके द्वारा क़ानूनी प्रावधान के तहत संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इरकॉन के अधीन बन रहा है रेल कॉरिडोर

कोरबा जिले के गेवरा से पेंड्रा रोड के बीच 130 किलो मीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के माध्यम से आर एम एन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नामक फर्म द्वारा किया जा रहा है। यहां रेलवे ट्रैक पर मिटटी की फीलिंग की जा रही है, जिसके लिए आसपास के गावों की सरकारी जमीन की खुदाई बड़े पैमाने पर की गई है।


ठेकेदार द्वारा कुछ किसानों को लालच देकर उसकी जमीन पर खुदाई शुरू की गई और फिर एक बड़े भूभाग को खोद दिया गया। इस खुदाई के चलते यहां बिजली के बड़े टॉवर और पेड़ अधर में लटक गए हैं। जिसकी खबर TRP न्यूज़ ने प्रकाशित की थी।

खुदाई स्थल को खोजने में लग गया पूरा दिन, और मिल गया नया स्पॉट..!

यहां सरकारी जमीन की खुदाई के लिए खनिज विभाग की कोई अनुमति नहीं ली गई, और ना ही राजस्व अमले ने इस ओर ध्यान दिया, वहीं यहां से मिटटी की ढुलाई के लिए वन विभाग की जमीन का इस्तेमाल किया जा रहा।


TRP न्यूज़ में इसकी खबर लगाए जाने के बाद उच्चाधिकारियों ने मैदानी अमले को इसका पता लगाने को कहा। मगर राजस्व अमला पूरे दिन पोड़ी-उपरोड़ा के अलग-अलग इलाकों की खाक छानता रहा, लेकिन वह स्पॉट नहीं मिला, जहां की खबर हमने लगाई थी। हां, इस दौरान यहां के ग्राम अमलडीहा के आसपास भी इसी तरह की बेतहाशा खुदाई का नजारा देखने को मिल गया। इसके बाद यहां के पटवारी को इस नए स्थल की खुदाई की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया।

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रातों-रात मिट्टी से गड्ढे को पाटने की हुई कोशिश

इधर राजस्व अमला स्पॉट को खोजने में लगा रहा, और उधर ठेकेदार के कर्मचारी रात के अंधेरे में पूरी रात गाड़ियों में मिट्टी ढोकर बिजली के टॉवर से लगे हुए गड्ढे को समतल करने में जुटे रहे। अगले दिन TRP के संवाददाता से खुदाई के स्थल की जानकारी लेकर राजस्व का अमला SDM कौशल तेंडुलकर के नेतृत्व में ग्राम बरतराई पहुंचा। फिर यहां आसपास के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर की गई खुदाई की पोड़ी-उपरोड़ा के तहसीलदार केके लहरे के दिशा-निर्देशन पूरी तरह नाप-जोख की गई।

पोकलेन समेत 3 वाहन किये गए जब्त

SDM के नेतृत्व में ग्राम बरतराई पहुंची टीम को इस गांव में ही ठेका फर्म की साईट का पता चला, जहां खड़े 2 हाइवा ट्रक और खुदाई में इस्तेमाल की जाने वाली पोकलेन मशीन को जब्त कर लिया गया। SDM कौशल तेंडुलकर ने TRP न्यूज़ को बताया कि खुदाई की पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिन 3 टॉवर के आसपास खुदाई की गई है, उस भूभाग को मिटटी से पाट कर समतल करने को ठेकेदार को कहा जायेगा।

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पेड़ों को हुए नुकसान का होगा आंकलन

SDM ने बताया कि अधिकांश खुदाई राजस्व की जमीन पर हुई है, जिसकी किसी भी तरह की अनुमति नहीं ली गई है, वहीं किसानो अथवा राजस्व की जमीन पर खुदाई से जितने भी पेड़ों को नुकसान हुआ है, उसका आंकलन किया जायेगा। वहीं जो पेड़ अधर में लटक गए हैं, उसको कैसे सुरक्षित किया जाये इसका भी प्रयास किया जायेगा। इस मौके पर खुदाई से प्रभावित किसानों ने उनकी जमीन समतल करवाने की मांग भी की।

MINING विभाग करेगा कार्रवाई

इस पूरे मामले में रिपोर्ट मिलने के बाद MINIMG विभाग ठेका फर्म के खिलाफ कार्रवाई करेगा। SDM तेंडुलकर ने बताया कि वे जल्द ही रिपोर्ट विभाग को भेज देंगे। वहीं उप संचालक खनिज एसएस नाग ने बताया कि उन्होंने ही राजस्व विभाग को अवैध खुदाई की रिपोर्ट तैयार करके भेजने को कहा था, शासन के नियमों के तहत इस मामले में ठेका फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सोया हुआ है पावर ग्रिड का अमला

पोड़ी-उपरोड़ा के ग्राम बरतराई के आसपास हुई खुदाई से जिस टॉवर को खतरा पैदा हो गया है, वह पॉवर ग्रिड का बताया जा रहा है, मगर इस यूनिट के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है, तभी तो पॉवर ग्रिड से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी यहां तक नहीं पहुंचा है। कोरबा जिले में पॉवर ग्रिड का ऑफिस भैसमा उप तहसील इलाके में संचालित है, जहां मेंटेनेंस की टीम पर इसकी जिम्मेदारी होती है, मगर यह टीम इतनी छोटी है कि वो 6 महीने में एक बार अपने टॉवर के हालात जानने के लिए निकलती है। बरतराई के इलाके से CSEB और एस्सार के टॉवर भी गुजरते हैं , मगर खुदाई स्थल से लगे टॉवर CSEB के नहीं हैं, एस्सार के टॉवर की जानकारी फ़िलहाल सामने नहीं आयी है।

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सेटलमेंट करने का हो रहा है प्रयास

इस मामले की खबर TRP न्यूज़ में आने के बाद संबंधित ठेका फर्म द्वारा राजस्व और खनिज अमले से सेटलमेंट का प्रयास तेज कर दिया गया है, ताकि कार्रवाई हो तो काम जुर्माने से काम चला लिया जाये, वहीं कटघोरा-पोड़ी के स्थानीय मीडिया को भी सेट करने की कोशिश की खबर भी सामने आ रही है। प्रयास किया जा रहा है कि यह खबर कहीं और न लगे और मामला हाइलाइट न हो।

बहरहाल इस एक अवैध खुदाई के चलते इरकॉन के ठेकेदार द्वारा दूसरे इलाकों में की गई खुदाई भी सामने आ रही है, बताया जा रहा है कि अमलडीहा के अलावा दूसरे स्थानों पर भी अवैध तरीके से बेतहाशा खुदाई हुई है, जिसके लिए इलाके के पटवारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। इस मामले में ठेकेदार के ऊपर जुर्माने की कार्रवाई तो की जाएगी मगर पेड़ों के अधर में लटक जाने के मामले में दोनों विभाग अब भी वन विभाग पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं, देखना है कि वन अमला इस मामले में कार्रवाई के लिए आगे आता है या नहीं।

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