शासन से सुरक्षा का नहीं मिला आश्वासन, जारी रहेगी तहसीलदारों की हड़ताल, साथियों की गिरफ़्तारी के विरोध प्रदेश भर में वकीलों ने भी किया प्रदर्शन
शासन से सुरक्षा का नहीं मिला आश्वासन, जारी रहेगी तहसीलदारों की हड़ताल, साथियों की गिरफ़्तारी के विरोध प्रदेश भर में वकीलों ने भी किया प्रदर्शन

रायपुर। तहसील कार्यालय रायगढ़ में अधिकारी और कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट के मामले में अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी सहित अन्य मांगों को लेकर राजधानी में तहसीलदारों का धरना प्रदर्शन आज भी जारी रहा। इस दौरान संघ का एक प्रतिनिधिमंडल उच्चाधिकारियों से मिला और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की, मगर कोई भी आश्वासन नहीं मिलने पर आंदोलन जारी रखने का फैसला किया गया। उधर प्रदेश भर में वकीलों ने काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और राजस्व संबंधी कार्यालयों का बहिष्कार किया।

छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ केके लहरे ने बताया कि उनका एक प्रतिनिधिमंडल सचिव सामान्य प्रशासन डीडी सिंह और राजस्व सचिव एक्का से मिला, संघ ने मारपीट के आरोपी वकीलों की हो रही गिरफ़्तारी पर तो संतोष व्यक्त किया मगर राजस्व कार्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था की मांग उन्होंने रखी, मगर अधिकारियों ने कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया और कोई पहल करने का आश्वासन भी नहीं दिया, जिसके बाद संघ ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

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उधर रायगढ़ में भी कर्मचारियों ने आज कामबंद आंदोलन जारी रखा। हालांकि कर्मचारियों ने दोपहर बाद आंदोलन एक बार फिर स्थगित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि मारपीट मामले से जुड़े अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के नेतृत्व में आज फिर कर्मचारियों ने सभी दफ्तरों में कामकाज का बहिष्कार किया और मिनी स्टेडियम में धरना प्रदर्शन किया, लेकिन दोपहर बाद शासकीय कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर से हुए चर्चा के बाद तीन दिनों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर आंदोलन को तीन दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन का कहना है कि अगर गिरफ्तारी नहीं होती है तो तीन दिनों के बाद वे फिर से आंदोलन करेंगे

इसी तरह प्रदेश भर में आज अधिवक्ताओं ने काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। रायगढ़ में वकीलों ने कार्रवाई के विरोध में राजस्व न्यायलयों का बहिष्कार जारी रखा है। अधिवक्ताओं ने दोपहर को कलेक्टर से मिलकर अपनी मांगें रखी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसील कार्यालयों में तहसीलदार से लेकर कर्मचारी तक भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। इसी की वजह से मारपीट जैसी घटना हुई है। वकीलों ने कथित भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों के शीघ्र तबादले की मांग की। कलेक्टर से मुलाकात के बाद भी राजस्व न्यायलयों का बहिष्कार जारी रखने का ऐलान किया।

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