कोयले की कमी: 12 राज्यों में मंडरा रहा है बिजली संकट का खतरा

नई दिल्ली। तापीय बिजली घरों को चलाने के लिए 12 राज्यों में कोयले के कम भंडार की स्थिति की वजह से बिजली संकट पैदा हो सकता है। उक्त जानकारी अखिल भारतीय बिजली इंजीनियर महासंघ ने दी।उन्होंने कहा कि अक्तूबर, 2021 से ही देश के 12 राज्यों में कोयला आपूर्ति का संकट देखा जा रहा है।

हमने घरेलू तापीय बिजली संयंत्रों को चलाने के लिए जरूरी कोयला भंडार में कमी की तरफ केंद्र एवं राज्यों की सरकारों का ध्यान आकृष्ट किया है। हमने चेतावनी दी है कि 12 राज्यों में बिजली संकट पैदा होने का खतरा मंडरा रहा है। महासंघ के प्रमुख शैलेंद्र दुबे ने कहा कि तापीय विद्युत संयंत्रों में बिजली पैदा करने के लिए जरूरी मात्रा में कोयला स्टाक नहीं रहने से यह संकट गहरा सकता है।

खासतौर पर देशभर में गर्मियों के दौरान बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए इसका खतरा और बढ़ गया है। अप्रैल महीने के पहले पखवाड़े में ही घरेलू स्तर पर बिजली की मांग बढ़कर 38 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। दुबे ने कहा कि अक्तूबर 2021 में बिजली की आपूर्ति मांग से 1.1 फीसद कम थी, लेकिन अप्रैल, 2022 में यह फासला बढ़कर 1.4 फीसद हो गया है।

See also  Coronavirus India Update : देश में कोरोना केस 53 लाख पार, पिछले 24 घंटों में सामने आए 93337 नए मामले

इसका नतीजा यह हुआ है कि आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, झारखंड एवं हरियाणा जैसे राज्यों में बिजली कटौती होने लगी है। उत्तर प्रदेश में भी बिजली की मांग बढ़कर 21,000 मेगावाट पर पहुंच गई है लेकिन आपूर्ति सिर्फ 19,000-20,000 मेगावाट की ही हो रही है। उन्होंने मौजूदा स्थिति में सरकार से तापीय विद्युत संयंत्रों में कोयला आपूर्ति तत्काल सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को इसके लिए फौरन जरूरी कदम उठाने चाहिए।

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थित अनपरा ताप-बिजली परियोजना में 5.96 लाख टन कोयले का स्टाक होना चाहिए लेकिन अभी उसके पास सिर्फ 3.28 लाख टन कोयला ही है। इसी तरह हरदुआगंज परियोजना के पास सिर्फ 65,700 टन कोयला है जबकि उसके पास 4.97 लाख टन कोयले का भंडार होना चाहिए। दुबे ने बिजली उत्पादन संयंत्रों के कामकाज पर पड़ रहे असर के बारे में कहा कि यह स्थिति प्रबंधन की दूरदर्शिता की कमी के कारण पैदा हुई है। पिछले साल अक्तूबर में भी परीछा संयंत्र को कोयला नहीं मिलने के कारण बंद करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को भी कोयले की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

See also  BSP president Armstrong murder case: तमिलनाडु बीएसपी अध्यक्ष आर्मस्ट्रॉन्ग की हत्या का आरोपी एनकाउंटर में ढेर

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू और वॉट्सएप, पर