नई दिल्ली । आम आदमी पार्टी के संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल द्वारा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए शिक्षा मॉडल की शुरुआत की गई है। सीएम केजरीवाल की यह शिक्षा मॉडल देश के अन्य राज्यों को भी प्रेरित कर रहा और कई राज्य सरकारें दिल्ली की शिक्षा मॉडल को अपनाने भी लगे हैं। लेकिन दिल्ली सरकार द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना में जगह की कमी महसूस की जा रही है जो इस योजना के लिए रोड़ा बन कर सामने आ गई है।

दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी के सभी क्षेत्रों में अपने विशेष उत्कृष्टता स्कूल खोलना चाहती है, लेकिन जगह की कमी के कारण ऐसा नहीं कर पा रही है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विशेष उत्कृष्टता स्कूल के दौरे के दौरान यह बात कही। सिसोदिया ने सूरजमल विहार में डॉ. बी आर आंबेडकर विशेष उत्कृष्टता स्कूल का दौरा कर वहां के छात्र-छात्राओं के साथ बातचीत की।


डॉ. बी आर आंबेडकर विशेष उत्कृष्टता स्कूल कक्षा 9 से 12 तक का एक स्कूल है, जिसमें छात्र-छात्राओं को उनके चुने हुए विषयों में विशेषज्ञता प्रदान की जाती है। राष्ट्रीय राजधानी में फिलहाल ऐसे 46 स्कूल हैं। सिसोदिया ने कहा कि हमारे यहां कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान की जाती है। हमने आईबी (इंटरनेशनल बैकलॉरिएट) बोर्ड के साथ सहयोग किया है और यह हमारे द्वारा की गई अपनी तरह की पहली पहल है।

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 उन्होंने कहा किपढ़ाई महत्वपूर्ण है। हमारे यहां पढ़ाई का कोई दबाव नहीं है। यहां छात्रों को हर विषय की जानकारी मिलती है। सिसोदिया ने कहा कि हम सभी क्षेत्रों में ऐसे विशेष स्कूल चाहते हैं, लेकिन हम जगह की समस्या का सामना कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार विशिष्ट स्कूलों की संख्या बढ़ाने की अपनी योजना पर आगे बढ़ने के लिए छात्रों से संबंधित आंकड़े जुटा रही है।