JHILMILI THANA

सूरजपुर। किसानों से करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद जांच हुई और सहकारी बैंक के प्रबंधक और 2 अन्य कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है।

पौष्टिक चारे के नाम पर दिया लोन

सूरजपुर जिले में सोनपुर और शिवप्रसाद नगर सहकारी बैंक के प्रबंधक और कर्मचारियों के द्वारा पशुओं को पौष्टिक चारा देने के नाम पर अपात्र लोगों को करोड़ों रुपए का लोन स्वीकृत कर दिया गया, जबकि पात्र किसान इस लोन से वंचित रह गए। किसानों ने इसकी शिकायत कलेक्टर सूरजपुर से की थी, जिसके बाद कलेक्टर ने भैयाथान एसडीएम के नेतृत्व में टीम गठित कर पूरे मामले की जांच सौंपी, इस दौरान सहकारी बैंक संचालक और उसके 2 कर्मचारी दोषी पाए गए।

मामले की जांच करते अधिकारी

जांच में दोषी पाए जाने के बाद झिलमिली थाने में सहकारी बैंक प्रबंधक अजीत सिंह सहित बैंक के दो कर्मचारी साधना कुशवाहा और मनु लाल पर आईपीसी की धारा 34, 409, 420 के तहत FIR दर्ज कराई गई है। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और अनुमान लगाया जा रहा है कि जांच में बड़ी संख्या में और आरोपी बनाए जा सकते हैं।

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ये था मामला…

सहकारी बैंक के प्रबंधक ने 200 से अधिक किसानों से चारा के नाम पर ऋण देने के एवज में 2 करोड़ से अधिक की राशि का घोटाला किया है। सूरजपुर जिले के सोनपुर सहकारी समिति शिवप्रसाद नगर सहकारी बैंक में प्रबंधक ने किसानों से उनके दुधारू पशुओं को बेहतर चारा उपलब्ध कराने के नाम पर ऋण देने आवेदन मंगाया था, जहां सैकड़ों की संख्या में किसानों ने यह सोचकर आवेदन किया कि उनके मवेशियों को बेहतर चारा उपलब्ध हो सकेगा और दूध की मात्रा बढ़ेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

किसानों के आवेदन पर समिति प्रबंधक ने कूट रचित दस्तावेज से लोन स्वीकृत तो कर दिया, लेकिन लोन उन्हें नहीं मिला, जो वास्तव में इसके हकदार थे, जबकि बैंक प्रबंधन और दलालों द्वारा कुछ फर्जी दस्तावेजों के साथ गलत तरीके से लोन की निकासी कर ली गई। किसानों की माने तो उन्होंने ऋण के लिए आवेदन तो दिया, लेकिन उन्हें राशि नहीं मिली और बाद में जांच से यह पता चला कि प्रबंधक ने राशि उन लोगों को दी है, जिनके पास ना तो मवेशी हैं और अगर मवेशी है भी तो वह दुधारू नहीं हैं। मामले की जांच के बाद कलेक्टर के आदेश पर 3 के खिलाफ FIR दर्ज कराइ गई है।

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