1 लाख 26 हजार 897 किसानों को अब ​तक 700 सौ करोड़ से अधिक का भुगतान

रायपुर। प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य पर अब तक 7 लाख 11 हजार 306 ​मी​ट्रिक टन धान की

खरीदी की पूरी हो चुकी है, जिसके एवज में 1 लाख 26 हजार 897 किसानों को 700 सौ करोड़ से अधिक

का भुगतान किया जा चुका है। रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में खाद्य सचिव डा कमलप्रीत सिहं व मार्कफेड

के एमडी शम्मी आबिदी ने यह जानकारी दी।

 

 

उन्होंने लिमिट तय कर धान खरीदी की अफवाहों को गलत बताते हुए कहा कि छोटे बड़े सभी किसानों से उनके

पंजीकृत रकबे के अनुसार प्रति एकड़ 15 क्विंटल की दर से धान खरीदी की जाएगी और धान खरीदी के लिए प्रत्येक

किसान को अपनी उपज बेचने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि छोटे व्यपारियों द्वारा वैध तरीके से

किसानों से धान खरीदने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। केवल बाहरी प्रदेश से आने वाले धान के अवैध परिवहन को

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रोकने के लिए कार्यवाही की जा रही है।

 

धान खरीदी केंद्रों पर धान खरीदी की जानकारी देते हुए खाद्य सचिव डा कमलप्रीत सिहं व मार्कफेड के एमडी

शम्मी आबिदी ने बताया कि प्रदेश के वास्तविक कृषकों से धान खरीदी सुनिश्चित करने के लिए और अवैध धान

खपाने की कोशिशों पर नकेल कसने दूसरे प्रदेशों से आने वाले धान तथा कोचिया, बिचौलियों पर प्रभावी

कार्यवाही की जारही है। इस कड़ी में 7 दिसंबर तक की स्थिति में कुल 2270 प्रकरणों में 2138 को​चियों के

खिलाफ कार्यवाहीे की गई है। इसके अलावा 132 अंतरराज्यीय बिचौलियों के खिलाफ कार्यवाही कर धान की

जब्ती की गई है वहीं 260 वाहनों की खिलाफ अवैध परिवहन का मामला दर्ज किया गया है।

 

वैध तरीके से किसानों से धान खरीदने पर कोई प्रतिबंध नहीं

जानकारी देते हुए अधिकारियों ने साफ किया कि किसी भी किसान के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की

जा रही है। सभी प्रकरणों में धान खरीदी के ऐसे प्रकरण जिनमें बिना किसी मंडी लाइसेंस अथवा अन्य

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दस्तावेज जैसे खरीदी पत्रक नहीं होने पर कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में छोटे व्यपारियों

द्वारा वैध तरीके से किसानों से धान खरीदने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वरा

विधानसभा में की गई घोषणा के अनुरूप एक की प्रकार के कृषि उपज के संबंध में मंडी अधिनियम के

तहत 4 क्विंटल के स्थान पर 10 क्विंटल के संग्रहण की अनुमति छोटे व्यपारियों को दी गई है।

 

15 फरवरी तक चलेगी खरीदी :

खाद्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में धान की खरीदी 15 फरवरी तक की जाएगी। धान खरीदी केंद्रों की

क्षमता के अनुरूप किसानों को असुविधा से बचाने के लिए टोकन जारी किए जाने की व्यवस्था जारी

की गई है। उन्होंने इस बात का अफवाह बताया कि कोई लिमिट लगाकर किसानों से धान की खरीदी

की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि धान की खरीदी के लिए छोटे बड़े सभी किसानों से उनके पंजीकृत

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रकबे के अनुसार प्रति एकड़ 15 क्विंटल की दर से धान खरीदी की जाएगी और धान खरीदी के लिए

प्रत्येक किसान को अपनी उपज बेचने का अवसर दिया जाएगा।

 

बचत राशि का जल्द होगा भुगतान :

खाद्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में धान खरीदी न्यूनतम स​मर्थन मूल्य पर की जा रही है। 2500 रुपए प्रति

क्विंटल की दर से शेष राशि का भुगतान के लिए अन्य राज्यों में प्रचलि​त योजना का अध्ययन कर पृथक

योजना शीघ्र लागू की जाएगी। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन द्वारा धान खरीदी के लिए

आवश्यक धन राशि तथा बारदानों की व्यवस्था शासन द्वारा की गई है।

 

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