टीआरपी डेस्क। दिल्ली के मुख्यमंत्री शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद हैं। मगर उनके विज्ञापन के किस्सों के कारण राजनीतिक गलियारे में चर्चा जोरों से हो रही है। एक RTI के जवाब में खुलासा हुआ है कि साल 2015 में दिल्ली में सत्ता में आने के बाद से अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने विज्ञापन पर ₹1585.87 करोड़ खर्च किए हैं।

RTI एक्टिविस्ट विवेक पांडेय की RTI के जवाब में यह जानकारी सामने आई है। विवेक पांडे ने अपने ट्वीट में बताया कि कैसे AAP सरकार के तहत पिछले 5 वर्षों में कुल विज्ञापन खर्च 408% बढ़ गया है। विवेक पांडेय ने सूचना एवं प्रचार निदेशालय से साल 2020 से विज्ञापन पर दिल्ली सरकार के खर्च की जानकारी मांगी थी।

विवेक पांडेय को RTI के जरिए 25 अप्रैल, 2024 मिले जवाब में जिसमें सूचना एवं प्रचार निदेशालय द्वारा दी गई के अनुसार AAP सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-2021 में ₹293.20 करोड़, वित्तीय वर्ष 2021-2022 में ₹568.39 करोड़, वित्तीय वर्ष 2022-2023 में 186.28 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2023-2024 में ₹26.23 करोड़ खर्च किए।

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एक पुरानी आरटीआई के जवाब में बताया गया है कि साल अरविंद केजरीवाल ने फरवरी 2015 में AAP की सरकार बनाने के बाद वित्तीय वर्ष 2015-2016 में ₹81.23 करोड़, वित्तीय वर्ष 2016-2017 में ₹67.25 करोड़, वित्तीय वर्ष 2017-2018 में ₹117.76 करोड़, वित्तीय वर्ष 2018-2019 में ₹45.54 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2019-2020 में ₹199.99 करोड़ विज्ञापनों पर खर्च किए।

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