रायपुर। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ से कांग्रेस विधायक उत्तरी जांगड़े पर भड़काऊ भाषण के मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर विधानसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ। खरसिया से कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने जांगड़े के बयान को स्लीप ऑफ टंग बताया, जबकि विपक्षी विधायकों ने इसे प्रदेश में अशांति फैलाने की साजिश बताया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी शुरू हो गई, जिससे सदन की कार्यवाही को 5 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।

सदन में जय सतनाम और जय भीम के नारे

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि विधायकों के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई की जा रही है। इस बयान के बाद विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच फिर जोरदार हंगामा शुरू हो गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान सदन में “जय सतनाम” और जय भीम के नारे भी गूंजे।

कांग्रेस विधायक उत्तरी जांगड़े और नगर पालिका अध्यक्ष अजय बंजारे पर भड़काऊ भाषण देने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया। भाजपा नेताओं ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी। इसके आधार पर बीएनएस की धारा 56, 351(1)(b), 352, और 296 के तहत मामला दर्ज किया गया।

See also  International Women's Day 2022: रायपुर की सड़कों पर सुबह-सुबह साइकिल पर सवार नजर आई महिला शक्ति, दिया सशक्तिकरण का संदेश

यह मामला 12 दिसंबर को आयोजित धरना-प्रदर्शन और कलेक्ट्रेट घेराव का है, जहां उत्तरी जांगड़े पर कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया गया। सत्तापक्ष के विधायकों ने आरोप लगाया कि विपक्ष प्रदेश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, विपक्षी विधायकों ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया।