टीआरपी डेस्क। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। लोग छोटे-बड़े सवालों के जवाब पाने के लिए चैटबॉट का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सवाल ये है कि इन जवाबों की सटीकता और नैतिकता तय कौन करेगा? इसी मुद्दे पर अब मेटा का एआई चैटबोट विवादों में घिर गया है और कंपनी के मालिक मार्क जुकरबर्ग को अमेरिकी सांसदों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है।
मेटा की पॉलिसी से मचा बवाल
हाल ही में मेटा ने 200 पन्नों की पॉलिसी जारी की। इसमें कंपनी ने माना कि उसका एआई चैटबोट कई बार भ्रामक या गलत जानकारी दे सकता है। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यह टूल बच्चों से रोमांटिक चैट करने में सक्षम है। इस खुलासे के बाद अमेरिका में तीखी प्रतिक्रिया हुई और जुकरबर्ग के खिलाफ विरोध बढ़ने लगा।
अमेरिकी सांसदों की नाराज़गी
सांसद जोश हॉली ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए मेटा के खिलाफ औपचारिक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने जुकरबर्ग को पत्र लिखकर सीधा सवाल किया कि क्या यह एआई टूल बच्चों के साथ संवेदनशील बातचीत, धोखाधड़ी या यहां तक कि आपराधिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
सांसद मार्शा ब्लैकबर्न ने भी इस मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि तकनीक का इस्तेमाल बच्चों और समाज की सुरक्षा के लिए होना चाहिए, न कि जोखिम बढ़ाने के लिए।
मेडिकल झूठ और नस्लीय पक्षपात के आरोप
विवाद सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं है। मेटा के एआई चैटबोट पर मेडिकल से जुड़ी गलत या भ्रामक जानकारी देने और नस्लीय भेदभाव को बढ़ावा देने का भी आरोप है। आलोचकों का कहना है कि अगर ऐसे टूल्स पर सख्त निगरानी नहीं रखी गई, तो ये समाज के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकते हैं।
नील यंग ने छोड़ा फेसबुक
विवाद गहराने के बीच मशहूर सिंगर नील यंग ने मेटा की पॉलिसी का विरोध करते हुए फेसबुक छोड़ दिया। उनका कहना है कि जिस प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा और जानकारी की विश्वसनीयता दांव पर हो, वहां बने रहना ठीक नहीं है।
जुकरबर्ग की मुश्किलें बढ़ीं
AI को लेकर मेटा पहले भी कई बार सवालों के घेरे में रहा है। लेकिन इस बार मामला बच्चों और झूठी सूचनाओं से जुड़ा है, जिससे दबाव और बढ़ गया है। अब देखना यह होगा कि कंपनी किस तरह इन आरोपों से निपटती है और क्या अमेरिकी प्रशासन इस पर कड़ी कार्रवाई करता है।


