टीआरपी डेस्क। 10 नवंबर की शाम लाल किला के पास हुए विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई। अब 12 लोगों के पोस्टमार्टम से धमाके की भयावहता का पता चला है। शवों में सिर पर गंभीर चोट, हड्डियां टूटना, फेफड़े फटना, कान के पर्दे क्षतिग्रस्त होना तथा आंतों में गंभीर क्षति के निशान मिले हैं। अधिकांश मौतें आंतरिक रक्तस्राव और ब्लास्ट वेव की गहरी चोट से हुईं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्रॉस इंजरी पैटर्न भी दर्ज किया गया, जिसमें विस्फोट के झटके से पीड़ित दीवार या जमीन से टकराए। शवों एवं कपड़ों पर स्प्लिंटर के कोई ट्रेस नहीं मिले, जिससे प्रारंभिक अनुमान है कि संशोधित विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल हुआ। विस्फोटक में प्रयुक्त रासायनिक यौगिक की पहचान फॉरेंसिक जांच के बाद ही संभव होगी। चोटों का पैटर्न ऊपरी शरीर, सिर और छाती पर केंद्रित रहा। इस घटना में 24 लोग घायल हुए हैं।

सीसीटीवी फुटेज और कार का रूट

सीसीटीव्ही फुटेज में सामान्य यातायात के बीच अचानक विस्फोट दिखाई दे रहा है। विस्फोट हुंडई i20 कार में हुआ। जांच में कार का रूट ट्रेस किया गया है। वाहन हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से बदरपुर बॉर्डर के रास्ते दिल्ली में दाखिल हुआ। इसके बाद मयूर विहार और कनॉट प्लेस भी गया।

See also  RR vs CSK : पहले राजस्थान के गेंदबाजों के किया कमाल, फिर वैभव ने दिखाया दम, चेन्नई को आसानी से दी मात

गिरफ्तारियां और पूछताछ

आतंकी मुजम्मिल की पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसने डॉक्टर उमर के साथ लाल किले की रेकी की थी। पुलिस ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा से 18 लोगों को हिरासत में लिया है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी से एक प्रोफेसर और टेक्नीशियन को भी गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई है।