टीआरपी डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के वोटों की गिनती जारी है और शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए और तेजस्वी यादव के महागठबंधन के बीच मुकाबला बेहद कड़ा दिख रहा है। कई सीटों पर बढ़त कुछ सौ वोटों में बदल रही है, जिससे नतीजों का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है। बिहार चुनाव में प्रशांत किशोर का भी जादू नहीं चल पाया। महज तीन सीटों पर सिमट कर रह गए हैं।

रुझानों में एनडीए बढ़त बनाए हुए है, जबकि महागठबंधन थोड़ा पीछे नजर आ रहा है। हर राउंड के साथ चुनाव आयोग की अपडेटेड डाटा एंट्री रुझानों का पूरा समीकरण बदल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह चुनाव पिछले कई वर्षों में सबसे कठिन मुकाबलों में से एक साबित हो रहा है।

9:24 बजे तक के रुझानों में बीजेपी 138 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि महागठबंधन 76 सीटों पर बढ़त में है। 9 बजे तक कांग्रेस 8 सीटों पर आगे थी, वीआईपी एक सीट पर मजबूत स्थिति में था और गठबंधन की अन्य पार्टियां 4 सीटों पर आगे थीं।

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बीजेपी और आरजेडी के बीच मुकाबला विशेष रूप से मजबूत बताया जा रहा है। 9 बजे तक एनडीए की ओर से बीजेपी 68 सीटों पर आगे थी, जबकि आरजेडी 56 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी।

पोस्टल बैलेट की शुरुआती गिनती में भी एनडीए को बढ़त मिलती दिखाई दी। महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में बदलाव होगा और युवाओं को रोजगार देने वाली सरकार आएगी।

लखीसराय सीट पर विजयन कुमार सिन्हा, अमरेश कुमार और सूरज कुमार के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। वहीं महुआ सीट पर तेज प्रताप यादव त्रिकोणीय मुकाबले का सामना कर रहे हैं। यहां उनका मुकाबला मुकेश रौशन और संजय सिंह से है।

इस चुनाव में 66.91 प्रतिशत वोटिंग हुई है जो 1951 के बाद सबसे अधिक है। यह बढ़ी हुई मतदान प्रतिशतता कई सीटों पर निर्णायक साबित हो सकती है।

पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और भोजपुर की कई सीटों पर बढ़त 500 से 2,000 वोटों के बीच लगातार बदल रही है। जहां युवा मतदाताओं वाले क्षेत्रों में महागठबंधन ने शुरुआत में दम दिखाया है, वहीं महिलाओं की अधिक भागीदारी वाले क्षेत्रों में एनडीए का प्रदर्शन मजबूत दिख रहा है।

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लेफ्ट दलों की लगभग 20 सीटों पर मुकाबला रोचक है। CPI(ML), CPI और CPM कई जगह RJD, BJP और JDU को कड़ी चुनौती दे रहे हैं। वर्ष 2020 में लेफ्ट ने 12 सीटें जीती थीं और शुरुआती रुझानों से लगता है कि उनका आधार बरकरार है।

दिघा, फुलवारी, पलिगंज, मटिहानी और कर्घहर जैसी सीटों पर भी हर राउंड में बढ़त बदल रही है। कुछ सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय और चौकोर हो गया है जहां लोजपा (RV) और जन सुराज उम्मीदवार भी अपनी दावेदारी दिखा रहे हैं।

एनडीए और महागठबंधन दोनों के शीर्ष नेता लगातार अपने-अपने वॉर रूम से अपडेट ले रहे हैं। माना जा रहा है कि रात तक तस्वीर साफ हो जाएगी, लेकिन वर्तमान स्थिति से इतना तय है कि मुकाबला अंतिम राउंड तक रोमांच बनाए रखेगा।