टीआरपी डेस्क। Butterfly Meet 2025 : प्रकृति प्रेमियों और तितली विशेषज्ञों के लिए इस दिसंबर एक मनमोहक अनुभव का अवसर आने वाला है। राज्य शासन 3 दिवसीय ‘कांगेर वैली बटरफ्लाई मीट 2025’ का आयोजन 5 से 7 दिसंबर तक कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर में करने जा रही है। यह आयोजन न केवल वन्यजीव प्रेमियों को प्रकृति के करीब लाएगा, बल्कि बस्तर पर्यटन को भी नया आयाम प्रदान करेगा।
कांगेर घाटी, जिसे ‘जंगल का जीवित काव्य’ कहा जाता है, अपनी अद्भुत जैव विविधता, सदियों पुराने वृक्षों और रंग-बिरंगी तितलियों के लिए प्रसिद्ध है। इस आयोजन में प्रतिभागियों को जंगल की लय में खो जाने, तितलियों की विभिन्न प्रजातियों को नजदीक से देखने और प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
3 दिवसीय शिविर का मुख्य उद्देश्य तितलियों के अध्ययन, पहचान और संरक्षण के महत्व को समझना है। पहले दिन प्रतिभागियों का पंजीकरण जगदलपुर स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान कार्यालय में होगा, जिसके बाद उन्हें निर्धारित वन शिविरों में भेजा जाएगा। दूसरे दिन फील्ड ट्रेल्स के माध्यम से तितलियों की प्रजातियों का प्रलेखन किया जाएगा, जबकि अंतिम दिन प्रतिभागी अपने अनुभव, तस्वीरें और डेटा साझा करेंगे।
कार्यक्रम में वही प्रतिभागी शामिल हो सकेंगे जो शारीरिक रूप से स्वस्थ हों और जंगल की परिस्थितियों में प्रतिदिन 12 से 15 किलोमीटर पैदल चलने में सक्षम हों। पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 नवंबर, चयन सूचना की तिथि 22 नवंबर और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 25 नवंबर निर्धारित की गई है।
सामान्य लोगों के लिए पंजीकरण शुल्क ₹2000 और छात्रों के लिए ₹1500 रखा गया है, जिसमें आवास और संरक्षण गतिविधियों में भागीदारी शामिल है। हालांकि यातायात व्यय प्रतिभागियों को स्वयं वहन करना होगा।
वन विभाग ने प्रतिभागियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें शिविर के दौरान धूम्रपान, शराब और सुगंधित उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी होगी और किसी भी प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश वर्जित होगा। दिसंबर के ठंडे मौसम को देखते हुए गर्म कपड़े लाने की सलाह भी दी गई है।
Butterfly Meet 2025 : प्रकृति और तितलियों के इस अनोखे संगम में भाग लेने के इच्छुक लोग पंजीकरण कर सकते हैं। किसी भी सहायता के लिए व्हाट्सएप नंबर +91-84355 62061 या +91-82530 44935 पर संपर्क किया जा सकता है।


