टीआरपी। dog counts an insult to teachers : प्रदेशभर में कार्यरत शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती करने की जिम्मेदारी सौंपने का विरोध कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने किया है। पूर्व विधायक ने प्रदेश की भाजपा सरकार के इस निर्देश को तुगलकी फरमान करार दिया है। साथ ही इस फरमान को वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र लिखा है। पत्र लिखकर श्वान प्रशिक्षक (डाग ट्रेनर )कार्यशाला एवं मैराथन प्रशिक्षण आयोजित करने की मांग की है।

पिछले दिनों कांग्रेसी नेता ने जिला शिक्षा कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करके विरोध जताया था। उपाध्याय ने कहा कि सरकार का यह आदेश शिक्षकों का अपमान है। सरकार के और भी बहुत सारे विभाग है उन विभागों से यह कार्य कराया जा सकता है। शिक्षको को इस कार्य में लगाया जाना गलत है। शिक्षक छात्रों के माध्यम से देश का भविष्य तय करता है और भविष्य के रचयिता पूजनीय लोगों से इस प्रकार का कार्य कराना समाज में एक गलत संदेश है।

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शिक्षकों को जुटानी है निम्न जानकारी

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले दिनो आदेश पारित करके विद्यालय परिसर में दिखने वाले कुत्तो की सम्पूर्ण जानकारी देने हेतु शिक्षको (गुरूजनो) की ड्यूटी लगाई गई है। शासन द्वारा परिपत्र निर्धारित कर जानकारी मांगी गई है। उक्त प्रपत्र में 9 कालम दिए गए है जिसमें 1. शाला/संस्था का नाम, 2. संकुल, 3.विकास खण्ड, 4.जिला 5. कुत्ते का प्रकार जिसमे मेल/फिमेल, 6. रंग 7 विशेष पहचान 8 देखने का समय एवं दिनांक 9.विशेष रूप से यह जानकारी भी देना है कि कुत्ता काटने वाला है कि आवारा है या पालतु कुत्ता है।

कार्यशाला में दिया जाए प्रशिक्षण

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मांग की है कि इतनी जानकारी एकत्र करने के लिए श्वान प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करना चाहिए। जिसमे कुशल श्वान ,(डॉग ट्रेनर) प्रशिक्षक नियुक्त कर शिक्षको को कुत्तो के संबध मे पूरी जानकारी दी जा सके। विषम परिस्थिति में स्वयं की कुत्ते के हमलो से आत्मरक्षा करने एवं मैराथन ट्रेनिंग भी आवश्यक है ताकि विषम परिस्थति में दौड़ लगा सके।

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मांग नहीं मानने पर कांग्रेस करेगी प्रशिक्षण का आयोजन

पत्र में कहा है कि यदि सरकार प्रशिक्षण शिविर आयोजित नहीं करती है तो कांग्रेस द्वारा शिविर का आयोजन कर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।