गृहमंत्री बोले- हमने सिर्फ 2 किया था, चार भाजपा सरकार में हुआ, विधानसभा अध्यक्ष ने भी प्रकरण की जानकारी मंगाई

रायपुर। भाजपा नेत्री मालती बाई हत्याकांड मामले में बुधवार को सदन खूब गरमाया। विपक्ष ने इस मामले में गठित एसआईटी के मुद्दे पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू को घेरा। विपक्ष ने गृह मंत्री से पूछा कि एक प्रकरण के 6 एसआईटी क्यों गठित की गई।

इस पर गृह मंत्री साहू ने जवाब देते हुए कहा कि हमने सिर्फ 2 एसआईटी गठित किया, जबकि भाजपा सरकार ने 4 एसआईटी गठित की। इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी प्रकरण की जानकारी मंगाई।

महिला भाजपा नेत्री मालती हत्याकांड पर सदन गरमाया, एसआईटी के मुद्दे पर गृहमंत्री को विपक्ष ने घेरा

सदन में कांग्रेस विधायक चंद्रदेव राय के सवाल के जवाब में गृह मंत्री ने प्रकरण की जानकारी दी। साथ ही ये भी बताया कि इस प्रकरण में एक आरोपी को पकड़ा गया है, लेकिन इस जवाब के दौरान जैसे ही गृह मंत्री ने बताया कि इस प्रकरण को लेकर छह एसआईटी गठित की गई है, सदन में हंगामा शुरू हो गया।

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विपक्ष की ओर से तीखा एतराज जताया गया कि एक ही प्रकरण में छह एसआईटी गठित क्यों की गई। विपक्ष की ओर से अजय चंद्राकर, शिवरतन शर्मा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि एक ही प्रकरण में 6-6 एसआईटी क्यों गठित की गई। उनके जांच के बिंदू को सार्वजनिक करने की मांग की गई।

जवाब में गृहमंत्री ने बताया कि मौजूदा सरकार ने तो सिर्फ दो ही एसटाईट गठित की थी। बाकि की चार एसआईटी तो तत्कालीन भाजपा सरकार ने गठित की गयी थी। गृहमंत्री ने यह भी बताया है कि अधिकारियों के तबादले की वजह से एसआईटी का बार-बार गठन किया गया।

इस जवाब पर असंतुष्टि जताते हुए विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए पूछा कि ऐसा कभी नहीं होता कि किसी अधिकारी के तबादलने की वजह से एसआईटी को अलग गठित करना पड़ता हो, फिर इसमें क्यों किया गया।

वहीं धर्मजीत सिंह ने भी इस मुद्दे पर गृहमंत्री को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ही नहीं, देश में भी कहीं ऐसा नहीं हुआ होगा कि एक ही प्रकरण के लिए छह एसआईटी गठित की गई हो, तो फिर इस मामले में ऐसा क्यों किया गया। क्या किसी कलेक्टर के तबादले के बाद कलेक्टरेट बदल जाता है?

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विपक्ष के आक्रामक होते देख विधानसभा अध्यक्ष ने यह कहकर मामला शांत किया कि पूरे प्रकरण की वो खुद जानकारी मांगेंगे कि ऐसा क्यों हुआ कि एक ही प्रकरण में 6 एसआईटी गठित करनी पड़ गई। इसके बाद मामला शांत हो गया।

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