टीआरपी डेस्क। आगामी 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली है। गुरुवार को कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 570 अंक लुढ़ककर 81770 के स्तर पर आ गया, वहीं निफ्टी भी 156 अंकों की गिरावट के साथ 25186 पर कारोबार करता दिखा। बाजार में आई इस गिरावट के कारण निवेशकों की पूंजी में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई है।
बाजार के आंकड़ों के अनुसार, बीएसई सेंसेक्स के शीर्ष 30 शेयरों में से 23 शेयर लाल निशान पर रहे। मारुति, बीईएल और इंडिगो जैसे प्रमुख शेयरों में 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टर के लिहाज से ऑटो, आईटी, एफएमसीजी और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। हालांकि, इस गिरावट के बीच एलएंडटी और टाटा स्टील जैसे शेयरों में करीब 2 फीसदी की बढ़त भी देखी गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार गिरावट के तीन मुख्य कारण हैं। पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को 3.5-3.75 प्रतिशत पर स्थिर रखने के फैसले से निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा है। दूसरा, भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरकर डॉलर के मुकाबले 92 के पार पहुंच गया है। तीसरा कारण आगामी बजट को लेकर निवेशकों की सतर्कता है, जिसके चलते लोग सुरक्षित संपत्तियों जैसे सोना-चांदी में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
गिरावट का असर मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स पर भी पड़ा। हेरिटेज फूड्स में 8 फीसदी और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंस में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही। इस उठापटक के कारण बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन जो बुधवार को 459 लाख करोड़ रुपये था, वह घटकर 457 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है।


