AI Impact Summit 2026 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने रोबोटिक डॉग को ‘ओरियन’ नाम से पेश किया और अपना प्रोडक्ट बताया। जिसके बाद से यूनिवर्सिटी की फजीहत होने लगी। हालांकि, विवाद बढ़ते देख यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने इसे खुद विकसित करने का कभी दावा नहीं किया।

बता दे कि जिस रोबोटिक डॉग पर विवाद हो रहा है, उसे चीनी कंपनी Unitree ने बनाया है और इसका मॉडल नाम Go2 है। गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने इसे अपनी प्रदर्शनी का हिस्सा बनाया था। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इस डॉग के अलग-अलग वेरिएंट उपलब्ध हैं, जिनमें सबसे सस्ता एयर वेरिएंट लगभग 1.45 लाख रुपये ($1600) का है।

‘Go2 Pro’ की खासियतें: 12.6 किमी की रफ्तार
इस रोबोटिक डॉग का प्रो वेरिएंट तकनीकी रूप से बेहद उन्नत है। इसका वजन करीब 15 किलोग्राम है और इसे एल्युमिनियम एलॉय व हाई स्ट्रेंथ इंजीनियरिंग प्लास्टिक से बनाया गया है। यह रोबोट 8 किलोग्राम तक का वजन उठाने में सक्षम है और इसकी अधिकतम रफ्तार 12.6 किलोमीटर प्रति घंटा है।

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इसमें सुरक्षा और नेविगेशन के लिए 3D LIDAR सेंसर, एचडी वाइड एंगल कैमरा और इंटेलिजेंट अवॉइडेंस जैसे फीचर्स दिए गए हैं। 8000 mAh की बैटरी के साथ यह एक बार चार्ज करने पर 1 से 2 घंटे तक लगातार काम कर सकता है।