बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शिक्षक आत्महत्या मामले ने प्रशासन और पुलिस महकमे को सक्रिय कर दिया है। पालनार क्षेत्र में सामने आए इस संवेदनशील मामले में कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

इस कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सुसाइड नोट में 3 को बताया था जिम्मेदार

बता दें कि बीते बुधवार को चेरपाल निवासी व पालनार स्कूल के प्रधान अध्यापक राजू पुजारी ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। पुलिस जांच में मृतक के पास से सुसाइड नोट बरामद हुआ था, जिसमें उन्होंने तीन लोग देवाशीष मंडल (ठेकेदार), शैलेष वासम, डोंगरे सर को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। नोट में यह भी लिखा था कि ‘मेरे परिवार की जिम्मेदारी ये लोग ही उठाएं।

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समाज के लोगों ने किया था प्रदर्शन

इस घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की गहराई से जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले को लेकर जिला अस्पताल के सामने परिजनों और तेलंगा समाज के लोगों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने ‘प्रताड़ना बंद करो, आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करो’ और ‘हमें न्याय चाहिए’ जैसे नारे लगाए थे।

कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने लगाया ये आरोप

इस मामले को लेकर कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पालनार स्कूल में जो भवन निर्माण कराया गया है, उसकी लागत राशि लगभग 20 लाख 30 हजार रुपए है, जिसके भुगतान को लेकर यह सब घटना घटित हुई है। प्रथम दृष्टया यह केवल आत्महत्या नहीं बल्कि निर्माण कार्य से जुड़े दबाव का परिणाम है। शिक्षक राजू पुजारी अपने काम के प्रति बेहद निष्ठावान थे, लेकिन स्कूल भवन के निर्माण को लेकर गहरी मानसिक चिंता में थे।

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विधायक मंडावी ने कहा कि पालनार में बन रहे स्कूल भवन का निर्माण कार्य बेहद घटिया गुणवत्ता का किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि अधूरे और निम्नस्तरीय निर्माण के बावजूद भुगतान का दबाव बनाया जा रहा था, जिससे शिक्षक ने तनाव में आकर आत्मघाती कदम उठाया है। इस घटना में जो नाम रजिस्टर और अन्य दस्तावेज बरामद हुआ है उसमें स्पष्ट रूप से भाजपा नेता का नाम शामिल है। उसकी भी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा देनी चाहिए। मामले में कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

इस मामले में बीजापुर कोतवाली थाना प्रभारी दुर्गेश शर्मा ने कहा था कि पुलिस इस मामले की हर पहलू से निष्पक्ष और सूक्ष्म जांच कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और सुसाइड नोट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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