कोलकाता। नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ चार गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक चंद्रनाथ रथ पिछले 10 से 12 सालों से सुवेंदु अधिकारी के साथ जुड़े हुए थे। उन्हें सुवेंदु का बेहद करीबी माना जाता था। हाल के चुनाव में भी वे प्रचार अभियान से जुड़ी कई अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। उनकी इस हत्या को राजनीतिक एंगल से जोड़कर देखा जा रहा है।
कैसे हुई सुवेंदु के PA की हत्या..?
मध्यमग्राम में सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रा की गोली मारकर हत्या किए जाने पर एक चश्मदीद ने बताया कि जैसे ही चंद्रा की कार मेरी कार के पास से गुज़री, वह अचानक बीच रास्ते में रुक गई और बाइक पर सवार एक व्यक्ति आया और कार के बाईं ओर गोलीबारी शुरू कर दी। वह व्यक्ति काफी माहिर लग रहा था ऐसा लग रहा था कि यह सब पहले से ही प्लान किया गया था।

चश्मदीद ने बताया कि गोलियां बिल्कुल करीब से चलाई गई थीं. मैंने 2 राउंड गोलियों की आवाज़ सुनी। यह घटना रात 10.30 बजे से 11 बजे के बीच हुई। यह घटना अस्पताल से 200-300 मीटर की दूरी पर हुई। लोगों ने घायल को अस्पताल पहुंचाया और कार के ड्राइवर को भी गोली लगी थी।

जिस वाहन में हुई हत्या, उसकी हो रही जांच
फोरेंसिक टीम उस वाहन की जांच कर रही है, जिसमें बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रा की मध्यमग्राम के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
क्राइम में इस्तेमाल चार पहिया वाहन किया जब्त: DGP
मध्यमग्राम में सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्र की गोली मारकर हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल के DGP सिद्ध नाथ गुप्ता ने कहा, ‘हमने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हमने अपराध में इस्तेमाल हुई 4-पहिया गाड़ी को ज़ब्त कर लिया है, लेकिन ऐसी खबरें आ रही हैं कि गाड़ी की नंबर प्लेट नकली है और उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। हमें घटनास्थल से ज़िंदा कारतूस और इस्तेमाल किए हुए कारतूस मिले हैं। चश्मदीदों और सबूतों की जांच-पड़ताल की जा रही है और आगे की जांच जारी है।

हमलावर तीन दिनों से कर रहे थे पीछा- BJP समर्थक
बीजेपी समर्थकों ने इस हमले को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। समर्थकों का कहना है कि हमलावरों के टारगेट पर सुवेंदु अधिकारी थे।हमलावर तीन दिनों से गाड़ी का पीछा कर रहे थे।
सुवेंदु अधिकारी का पहला बयान आया सामने
मध्यमग्राम में अपने PA चंद्र की गोली मारकर हत्या किए जाने पर, BJP नेता सुवेंदु अधिकारी का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि यह एक सोची-समझी हत्या है और DGP ने भी यही कहा है। 2-3 दिनों तक रेकी की गई थी और हत्या की पूरी योजना बनाई गई थी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। हम शोक में हैं और इस घटना की निंदा करने के लिए हमारे पास शब्द नहीं हैं। दिल्ली से हमारे पूरे नेतृत्व ने इस बारे में जानकारी ली है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने मृतक के परिवार और पुलिस से बात की है। विभिन्न नेता और चुने हुए विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से यहां आए हैं पुलिस को कुछ सबूत मिले हैं और वे जांच करेंगे।

उन्होंने कहा है कि यह 15 साल के ‘महा-जंगल राज’ का नतीजा है. BJP यहां के गुंडों को खत्म करने का काम शुरू करेगी।
सुवेंदु के PA चंद्र की हत्या ममता बनर्जी की हार का नतीजा-अग्निमित्रा पॉल
सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्र की गोली मारकर हत्या किए जाने पर, BJP नेता अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि यह शायद भवानीपुर में ममता बनर्जी की हार का नतीजा है। CCTV फुटेज की अभी जांच की जा रही है। चंद्र एक भरोसेमंद इंसान थे, वे नेता प्रतिपक्ष के दफ़्तर के सारे कामकाज देखते थे, हमारे विधायकों के लिए भाई जैसे थे, और कई तरह के दूसरे काम भी संभालते थे। जिस इंसान का BJP से कोई लेना-देना ही नहीं था, उसकी हत्या क्यों की गई?
सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या पर TMC की आई प्रतिक्रिया
इस घटना पर तृणमूल कांग्रेस का भी बयान सामने आया है। टीएमसी ने इस हमले की निंदा की है। टीएमसी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि हम आज रात मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा करते हैं। इसके साथ ही हम पिछले तीन दिनों में चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं में तीन अन्य TMC कार्यकर्ताओं की हत्या की भी निंदा करते हैं। आरोप है कि ये हिंसक वारदातें BJP-समर्थित उपद्रवियों द्वारा की गई हैं, जबकि इस दौरान ‘आचार संहिता’ लागू थी। हम इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं, जिसमें अदालत की निगरानी में CBI जांच भी शामिल है, ताकि दोषियों की पहचान हो सके और उन्हें बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में लाया जा सके। लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं के लिए कोई जगह नहीं है और दोषियों को जल्द से जल्द जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए



