रायपुर। छत्तीसगढ़ के गलियारों में इस वक्त वन विभाग के नए मुखिया को लेकर जबरदस्त चर्चा है। खबर है कि आज होने वाली बहुप्रतीक्षित डीपीसी (DPC) की बैठक अचानक टल गई है। इस बैठक में प्रदेश के नए पीसीसीएफ (PCCF) यानी वन बल प्रमुख के नाम पर मुहर लगनी थी, लेकिन ऐन वक्त पर इसे आगे बढ़ा दिया गया है। इस देरी ने प्रशासनिक हलकों में सस्पेंस और बढ़ा दिया है कि आखिर प्रदेश का अगला फॉरेस्ट बॉस कौन होगा।

31 मई को खाली हो रही है कुर्सी

दरअसल, वर्तमान पीसीसीएफ वी. श्रीनिवास राव आगामी 31 मई को रिटायर हो रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग में Extension की संभावना बेहद कम है। यही वजह है कि नए मुखिया की तलाश तेज हो गई है। आज रायपुर में मंत्रालय स्तर पर डीपीसी की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें सीनियर अफसरों के नामों पर चर्चा होनी थी, मगर अब यह प्रक्रिया कुछ दिनों के लिए ठंडे बस्ते में चली गई है।

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रेस में कौन है आगे?

छत्तीसगढ़ वन विभाग की इस सबसे बड़ी कुर्सी के लिए मुख्य रूप से दो नाम चर्चा में हैं। पहला नाम है कौशलेंद्र कुमार 1992 बैच के अफसर हैं और वरिष्ठता (Seniority) के हिसाब से इनका दावा बेहद मजबूत माना जा रहा है। वहीं अरुण कुमार पांडे 1994 बैच के अफसर हैं। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि पावर कॉरिडोर में इनकी सक्रियता और काम करने के अंदाज की वजह से ये रेस में मजबूती से बने हुए हैं।

डीपीसी टलने से बढ़ी अटकलें

सूत्रों का कहना है कि पैनल में शामिल नामों पर अभी और मंथन की जरूरत है। सरकार चाहती है कि नया मुखिया ऐसा हो जो विभाग की योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतार सके। फिलहाल नई तारीख का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि अगले हफ्ते दोबारा बैठक हो सकती है।