टीआरपी। बलरामपुर जिले के राजपुर तहसील अंतर्गत ग्राम भिलाईखुर्द में स्थित एक क्रशर प्लांट में कार्यरत मजदूर की दर्दनाक दुर्घटना में मृत्यु हो गई है। इस गंभीर घटना को संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित एक्शन लिया है और संयुक्त जांच दल गठित कर मौके पर बड़ी कार्रवाई की है।
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और क्रशर क्षेत्रों में श्रमिकों की सुरक्षा हमेशा से एक बड़ा संवेदनशील मुद्दा रहा है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण होने वाले इस हादसे के बाद प्रशासन की यह त्वरित कार्रवाई यह साफ संकेत देती है कि अब नियमों का उल्लंघन करने वाले क्रशर संचालकों पर भारी कानूनी गाज गिरना तय है।
संयुक्त टीम ने मारा छापा: क्रशर प्लांट किया गया सील
घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर खनिज विभाग के अमले और नायब तहसीलदार की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित क्रशर मशीन को अग्रिम आदेश तक पूरी तरह से सील कर दिया गया है।
इसके साथ ही जिला श्रम अधिकारी तथा सहायक संचालक इंडस्ट्रीज एंड हेल्थ सेफ्टी द्वारा श्रम एवं औद्योगिक सुरक्षा संबंधी विभिन्न प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी क्रशर संचालक के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर दर्ज होगी।
हादसा बलरामपुर जिले के राजपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम भिलाईखुर्द के एक निजी क्रशर प्लांट में हुआ।
सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाने के कारण खनिज विभाग और नायब तहसीलदार ने क्रशर मशीन को आगामी आदेश तक सील कर दिया है।
19 मई 2026 को जिला प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी जारी कर जिले की सभी औद्योगिक इकाइयों को अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब बलरामपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में संचालित अवैध और असुरक्षित क्रशर प्लांटों पर जांच का दायरा बढ़ेगा। श्रमिक संगठनों द्वारा मृतक मजदूर के परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग को लेकर दबाव बनाया जा सकता है, जिससे आगामी दिनों में प्रशासन पर सख्त कानूनी मिसाल कायम करने की जिम्मेदारी होगी।



