रायपुर। राजधानी रायपुर से मैट्रिमोनियल ऐप के जरिए ठगी और चोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खम्हारडीह थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती को शादी का सपना दिखाकर एक शातिर युवक ने न सिर्फ भावनात्मक रूप से फंसाया, बल्कि मौका पाकर घर से लाखों के गहने और नकदी लेकर फरार हो गया।
कैसे बुना गया जाल?
कुछ महीने पहले युवती की मुलाकात एक ऑनलाइन मैट्रिमोनियल ऐप पर “अभिनव सिंह” नाम के युवक से हुई। प्रोफाइल में खुद को दिल्ली का निवासी, पढ़ा-लिखा और अच्छे परिवार से बताया गया था। शुरुआत में हल्की-फुल्की बातचीत हुई, लेकिन धीरे-धीरे रोज़ाना फोन कॉल और चैटिंग का सिलसिला शुरू हो गया। युवक ने बेहद शालीनता से बात की, परिवार-भविष्य के सपने दिखाए और युवती का भरोसा जीत लिया।
कुछ ही हफ्तों में रिश्ता इतना गहरा हो गया कि अभिनव ने शादी का प्रस्ताव रख दिया। युवती और उसके परिवार को भी लगा कि रिश्ता सही हाथों में जा रहा है। इसी बीच अभिनव ने रायपुर आकर मिलने और परिवार से बात करने की इच्छा जताई। युवती ने भरोसा करते हुए उसे घर बुला लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपित दरअसल पंजाब से दिल्ली और फिर दिल्ली से रायपुर पहुंचा था।
भोजन के दौरान युवक ने की चालाकी
जिस दिन अभिनव रायपुर पहुंचा, युवती ने घर पर उसके लिए खाने का इंतज़ाम किया। दोनों ने साथ बैठकर चिकन खाया और बातें कीं। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान अभिनव ने मौका देखकर खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। खाना खत्म होने के 20-25 मिनट बाद ही युवती को चक्कर आने लगे और वह बेहोश होकर गिर पड़ी।
जब कई घंटों बाद उसे होश आया तो घर में सन्नाटा पसरा था। अभिनव जा चुका था। घबराकर जब उसने अलमारी चेक की तो होश उड़ गए — सोने-चांदी के सारे जेवरात और घर में रखी नकदी गायब थी। मोबाइल पर कॉल किया तो नंबर बंद मिला। मैट्रिमोनियल ऐप पर प्रोफाइल भी डिलीट कर दी गई थी।
पुलिस जांच और खुलासे
घबराई युवती तुरंत खम्हारडीह थाने पहुंची और पूरी आपबीती बताई। पुलिस ने ठगी, चोरी, धोखाधड़ी और नशीला पदार्थ खिलाने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
जांच में सामने आया कि आरोपित बेहद शातिर है। उसने ऐप पर फर्जी नाम-पता और फोटो इस्तेमाल किए थे। पुलिस अब उसका मोबाइल नंबर, IP एड्रेस, मैट्रिमोनियल प्रोफाइल की डिटेल और रायपुर आने-जाने के रूट को ट्रेस कर रही है। आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। आशंका है कि यह युवक पहले भी इसी तरह कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस दूसरे राज्यों से भी संपर्क कर रही है कि कहीं इस मोडस ऑपरेंडी से और केस तो दर्ज नहीं हैं।
बड़ा सवाल: कितनी सुरक्षित हैं मैट्रिमोनियल ऐप्स?
इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन रिश्तों की हकीकत और मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म्स के वेरिफिकेशन सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना पुख्ता पहचान जांच के कोई भी फेक प्रोफाइल बनाकर लोगों की भावनाओं और जिंदगी से खेल सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
ऑनलाइन मिलने वाले किसी भी रिश्ते पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। पहली 4-5 मुलाकातें हमेशा सार्वजनिक जगह पर करें और परिवार के किसी सदस्य को साथ रखें। घर का पता, आर्थिक स्थिति, गहनों या बैंक डिटेल की जानकारी कभी साझा न करें। प्रोफाइल का वीडियो कॉल से वेरिफिकेशन जरूर करें। अनजान व्यक्ति के साथ खाना-पीना अवॉइड करें। शक होने पर तुरंत 112 या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। याद रखें, शादी भरोसे का रिश्ता है, लेकिन ऑनलाइन की दुनिया में भरोसा जांच-परख के बाद ही करें। एक गलती जिंदगी भर का नुकसान दे सकती है।


