टीआरपी डेस्क। भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी 18 जून को सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला बदलाव देखने को मिल रहा है. इंटरनेशनल मार्केट यानी वैश्विक बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और दुनिया भर में चल रही आर्थिक हलचल के बीच घरेलू बाजार में सोने की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं, जबकि चांदी के भाव में मामूली दबाव देखा जा रहा है. सर्राफा बाजार के साथ-साथ फ्यूचर्स मार्केट यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी आज सोना और चांदी थोड़े सुस्त नजर आए, जिससे बाजार में खरीदारी करने पहुंचे ग्राहकों और निवेशकों के बीच थोड़ी चिंता बढ़ गई है.
सोने के भाव में मामूली गिरावट, चांदी में भी दिखी सुस्ती
ताजा ट्रेंड के मुताबिक, वायदा बाजार यानी एमसीएक्स पर सोना पिछले सत्र के मुकाबले हल्की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा और यह करीब 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना रहा. वहीं घरेलू बाजार में चांदी के भाव में भी आज थोड़ी नरमी दर्ज की गई है. एमसीएक्स पर चांदी के वायदा भाव में करीब 0.44 फीसदी की मंदी देखी गई है. अगर हाजिर बाजार यानी रिटेल मार्केट की बात करें, जहां आम लोग दुकानों से सीधे ज्वेलरी खरीदते हैं, तो वहां दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में चांदी करीब 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर के आसपास ही बनी हुई है.
देश के बड़े शहरों में आज क्या है सोने-चांदी का रेट
देश की राजधानी नई दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना 152,340 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है, जबकि 22 कैरेट का रेट 139,645 रुपये है. यहां एक किलो चांदी का भाव 247,170 रुपये दर्ज किया गया है. आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 152,600 रुपये और चांदी 247,600 रुपये प्रति किलो पर है. उत्तर प्रदेश के कानपुर और लखनऊ में सोने का भाव 152,640 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 247,660 रुपये प्रति किलो पर चल रहा है. इसके अलावा बिहार के पटना में 24 कैरेट सोना 152,520 रुपये और राजस्थान के जयपुर में इसका दाम 152,580 रुपये प्रति 100 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है.
अंतरराष्ट्रीय संकेतों की वजह से बाजार में दिख रहा उतार-चढ़ाव
सर्राफा बाजार के जानकारों और मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कीमतों में आ रहे इस उतार-चढ़ाव की सबसे बड़ी वजह इंटरनेशनल संकेत हैं. इसमें अमेरिकी केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व की नीतियां, डॉलर इंडेक्स की मजबूत चाल और वैश्विक तनाव में आई थोड़ी कमी शामिल हैं. आसान भाषा में समझें तो जब दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता कम होती है, तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग थोड़ी घट जाती है, जिससे कीमतों पर दबाव आता है और रेट में हल्की गिरावट देखने को मिलती है.



