महासमुंद। छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास एक बार फिर शर्मसार करने वाला चेहरा लेकर सामने आया है। महासमुंद जिले के पिथौरा चौक वार्ड नंबर 9 में एक महिला और उसके परिवार को “टोनही-टोनहा” बताकर महीनों तक प्रताड़ित किया गया। आरोपियों ने न सिर्फ गाली-गलौज और धमकी दी, बल्कि पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर राशन तक बंद करवा दिया। 

इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने 23 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

क्या है पूरा मामला ?

मामला पिथौरा चौक वार्ड नंबर 9 का है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी लंबे समय से उसके परिवार को टोनही-टोनहा बताते आ रहे हैं। वे लोग बदसलूकी करते हैं। गाली-गलौज देते हुए जान से मारने की धमकी देते हैं। उनके परिवार पर कॉलोनी छोड़ने का दबाव बनाया गया। दुकानदारों पर दबाव डालकर उन्हें हमें राशन देने तक से मना किया गया। पीड़िता का आरोप है कि वह शिकायत लेकर बागबाहरा थाने पहुंचीं लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद वह कोर्ट की शरण में पहुंचीं। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने 24 जुलाई को केस दर्ज कर लिया है।

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किन पर FIR हुए दर्ज ?

पुलिस ने देव कुमार, पुनाराम मरकाम, तुलसी मरकाम, पुष्पा मरकाम, आरती, फिरन मरकाम, कुलेश मरकाम, घनश्याम मरकाम उर्फ ठेकला, जयपवन उर्फ तेली, भगवान दास, सुशील, भारत, केशर, सोनिया, बुग्गी सोनवानी, पायल, जयकुमारी, रूबी, रितेश, भेखराम, देवदास, लव और कुश को आरोपी बनाया है।

इन सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 की धारा 4 और 5 और BNS की धारा 115(2), 296, 351, 74, 79 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।

छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास के आंकड़े डराते हैं

ये अकेला मामला नहीं है। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्रा के मुताबिक: 2017 से 2025 के बीच टोनही के संदेह में प्रताड़ना और मारपीट के 1350 से ज्यादा केस दर्ज हुए

– पुराने मामलों को जोड़ें तो आंकड़ा 3000 के पार पहुंच जाता है

– 2021 से 2025 के बीच जादू-टोना और अंधविश्वास की वजह से राज्य में 83 लोगों की मौत हो चुकी है

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– NCRB 2024 के अनुसार, देश में तंत्र-मंत्र से हुई हत्या के कुल 54 मामलों में से 10 मामले अकेले छत्तीसगढ़ के थे। इस मामले में राज्य देश में दूसरे नंबर पर है

कानून क्या कहता है ?

छत्तीसगढ़ सरकार ने 2005 में ही टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम लागू किया था। इस कानून के तहत टोनही कहकर प्रताड़ित करने, मारपीट करने, बहिष्कार करने पर सख्त सजा का प्रावधान है। मानव बलि, हत्या और अपहरण जैसे मामलों में उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नोट: अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता ही इसका एकमात्र इलाज है। अगर आपके आसपास भी कोई टोनही के नाम पर प्रताड़ित हो रहा है तो तुरंत 112 या नजदीकी थाने में शिकायत करें।

FAQ:

सवाल1. पूरा मामला क्या है?

जवाब: महासमुंद के पिथौरा चौक वार्ड 9 में एक महिला और उसके परिवार को “टोनही-टोनहा” कहकर महीनों तक गाली-गलौज, धमकी और सामाजिक बहिष्कार किया गया। आरोपियों ने दुकानदारों पर दबाव बनाकर परिवार का राशन तक बंद करवा दिया।

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सवाल 2. FIR किन पर दर्ज हुई?

जवाब: कोर्ट के आदेश पर बागबाहरा पुलिस ने 23 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। आरोपियों में देव कुमार, पुनाराम मरकाम, तुलसी मरकाम और अन्य शामिल हैं।

सवाल 3. किन धाराओं में केस दर्ज हुआ है?

जवाब: छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 की धारा 4 और 5 + BNS की धारा 115(2), 296, 351, 74, 79 और 3(5) के तहत।

4. छत्तीसगढ़ में टोनही के कितने केस हैं?

जवाब:अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अनुसार 2017 से 2025 के बीच 1350+ केस दर्ज हुए। पुराने केस जोड़ें तो आंकड़ा 3000+ है।

सवाल 5. अंधविश्वास से कितनी मौतें हुईं?

जवाब: 2021 से 2025 के बीच 83 लोगों की मौत जादू-टोना और अंधविश्वास के कारण हुई है।