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IIT Bombay Student Suicide: आईआईटी बॉम्बे छात्र खुदकुशी मामला, छात्रों की 18 मांगों पर बोर्ड की विशेष सुनवाई

IIT Bombay Student Suicide: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे (आईआईटी बॉम्बे) में छात्र की आत्महत्या के बाद उपजा गतिरोध अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। संस्थान प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच सोमवार को बनी सहमति के तहत आज बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की विशेष बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में छात्रों की 18 […]

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तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

IIT Bombay Student Suicide: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे (आईआईटी बॉम्बे) में छात्र की आत्महत्या के बाद उपजा गतिरोध अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। संस्थान प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच सोमवार को बनी सहमति के तहत आज बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की विशेष बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में छात्रों की 18 सूत्री मांगों पर आगे की कार्रवाई पर चर्चा होगी।

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने रविवार को छात्रों के साथ लंबी चली बैठक के बाद उनके 18 सूत्रीय मांगपत्र को स्वीकार कर लिया है और उस पर हस्ताक्षर भी किए हैं। इस बीच, छात्रों के व्यापक प्रदर्शन और चर्चा के मद्देनजर सोमवार को परिसर में सभी लेक्चर रद्द कर दिए गए हैं।

यह पूरा विवाद परिसर में एक 22 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद शुरू हुआ। छात्र के परिजनों की शिकायत पर पवई पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है, और अब मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है।

निदेशक द्वारा मांगों की स्वीकृति और लेक्चर रद्द

छात्रों के तीन दिनों के लगातार धरने और विरोध प्रदर्शन के बाद निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने 18 से अधिक मांगों वाले चार्टर को स्वीकार करते हुए उस पर हस्ताक्षर किए। शांतिपूर्ण चर्चा और बैठकों के दौर के चलते सोमवार को संस्थान में सभी शैक्षणिक लेक्चर और कक्षाएं स्थगित रखी गई हैं।

बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की विशेष बैठक और टाउन हॉल

छात्रों द्वारा उठाए गए गंभीर मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए संस्थान ने सोमवार को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की विशेष बैठक बुलाई है। इस बैठक के तुरंत बाद निदेशक प्रोफेसर केदारे छात्रों के साथ एक टाउन हॉल बैठक करेंगे, जो रविवार की चर्चाओं का ही अगला चरण है।

प्रमुख मांगों में शामिल हैं कड़े कदम और निष्पक्ष जांच

छात्रों के मांगपत्र में मुख्य रूप से एक संकाय सदस्य को निलंबित करने, लिंक्डइन पर साझा की गई आंशिक जानकारी के लिए सार्वजनिक माफी मांगने, और घटना की पारदर्शी व स्वतंत्र जांच कराने की मांग शामिल है। छात्रों ने प्रशासन से जवाबदेही तय करने का भी कड़ा आग्रह किया है।

पुलिस और क्राइम ब्रांच की जांच का दायरा बढ़ा

मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस संवेदनशील मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। पुलिस ने मृत छात्र के माता-पिता की शिकायत पर प्रोफेसर सूर्यानारायण दूल्ला और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और एससी/एसटी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, और पूछताछ के लिए नोटिस भेजे जाने की संभावना है।

फैकल्टी फोरम का समर्थन और संस्थान में बढ़ता तनाव

दूसरी ओर, आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर सूर्यानारायण दूल्ला के समर्थन में बयान जारी किया है। फोरम का कहना है कि शिक्षक ने परीक्षा के दौरान नियमों के तहत ही अकादमिक अनियमिताओं की सूचना दी थी। गौरतलब है कि पिछले सात महीनों में आईआईटी बॉम्बे में छात्र की मौत का यह तीसरा मामला है, जिससे छात्रों में गहरा रोष है।

  • आईआईटी बॉम्बे में छात्रों की मांगों पर चर्चा के लिए संस्थान प्रशासन ने छात्रों के साथ चर्चा के लिए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की विशेष बैठक बुलाई है।
  • निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने छात्रों की 18 सूत्रीय मांगों वाले चार्टर को स्वीकार करते हुए उस पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • छात्र की आत्महत्या के मामले में पवई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
  • अब मुंबई क्राइम ब्रांच ने आईआईटी बॉम्बे के छात्र की कथित आत्महत्या के मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है।
  • आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर सूर्यानारायण दूल्ला की प्रतिष्ठा को “खराब किए जाने” पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि उन्होंने तय प्रक्रिया का पालन किया था।
Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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