CG Politics News: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री के बयानों पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों में सही शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। सत्र शुरू हुए तीन महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन न तो स्कूलों में किताबें पहुंची हैं और न ही पर्याप्त शिक्षक तैनात किए गए हैं।
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब मासूम बच्चे अपनी मूलभूत सुविधाओं और शिक्षकों की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं, तो शिक्षा मंत्री अपनी कमियों को छिपाने के लिए इसका ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ रहे हैं। बच्चों के आंदोलन को राजनीतिक बताना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है, क्योंकि ये बच्चे किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े हैं बल्कि छत्तीसगढ़ का भविष्य हैं।
जर्जर भवन, किताबों की कमी और धमतरी-बालोद में बच्चों का प्रदर्शन
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख ने राज्य के कई जिलों का उदाहरण देते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने बताया कि धमतरी के बारना स्कूल में पांच विषयों के शिक्षक न होने पर छात्राओं ने स्कूल में ताला जड़ दिया। बालोद के झिरिया टोला में भी बच्चों को शिक्षकों की मांग को लेकर प्रदर्शन करना पड़ा, वहीं धमधा में जर्जर भवन को लेकर बच्चे सड़कों पर उतरे।
कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के 12,560 से अधिक स्कूल भवन अत्यंत जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं। बारिश के मौसम में छतें टपक रही हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर पीने का साफ पानी और क्रियाशील शौचालय तक उपलब्ध नहीं हैं।
बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बच्चियां स्कूल छोड़ने को मजबूर
सुशील आनंद शुक्ला ने बेहद चिंता जताते हुए कहा कि बालिकाओं के स्कूलों में शौचालयों का न होना और मूलभूत सुविधाओं का अभाव बेहद शर्मनाक स्थिति पैदा कर रहा है। इसके कारण राज्य की कई छात्राएं स्कूल छोड़ने (ड्रॉपआउट करने) पर मजबूर हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार से शिक्षा जैसा महत्वपूर्ण विभाग भी नहीं संभल पा रहा है। शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं और जर्जर भवनों की मरम्मत कराने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। बच्चों की जायज मांगों का समाधान करने के बजाय उनकी नीयत पर सवाल खड़ा करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
FAQ
प्रश्न 1: कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने शिक्षा मंत्री के किस आरोप का खंडन किया है?
उत्तर: उन्होंने शिक्षा मंत्री के उस आरोप का खंडन किया जिसमें कहा गया था कि स्कूलों में बच्चों द्वारा किए जा रहे आंदोलन कांग्रेस करवा रही है। शुक्ला ने कहा कि बच्चे किसी दल के नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं को लेकर खुद प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रश्न 2: प्रदेश के स्कूलों में वर्तमान में कौन-कौन सी मुख्य समस्याएं आ रही हैं?
उत्तर: सत्र के 3 महीने बीत जाने के बाद भी किताबों की कमी, शिक्षकों के पद खाली होना, जर्जर भवन, पीने के साफ पानी का अभाव और बालिकाओं के लिए शौचालय न होना मुख्य समस्याएं हैं।
प्रश्न 3: कांग्रेस के अनुसार प्रदेश में कितने स्कूल भवन जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं?
उत्तर: कांग्रेस के अनुसार प्रदेश के 12,560 से अधिक स्कूल भवन जर्जर स्थिति में हैं, जहां बरसात में छतें टपक रही हैं।
प्रश्न 4: धमतरी और बालोद के किन स्कूलों में छात्रों ने प्रदर्शन किया?
उत्तर: धमतरी के बारना स्कूल में 5 विषयों के शिक्षक न होने पर छात्राओं ने ताला बंदी की, और बालोद के झिरिया टोला तथा धमधा में भी भवन व शिक्षकों की मांग पर प्रदर्शन हुआ।
प्रश्न 5: सुविधाओं के अभाव में छात्राओं पर क्या प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है?
उत्तर: शौचालयों की अनुपलब्धता और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कई बालियां पढ़ाई छोड़ने और स्कूल से ड्रॉपआउट करने को मजबूर हो रही हैं।


