चिरमिरी। नगर निगम की गंभीर लापरवाही सामने आई है। कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान फर्जी कंपनी से नकली सेनिटाइजर खरीदी का मामला उजागर हुआ है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में पार्षदों की ओर से वार्डवासियों को सेनिटाइजर बांटा गया है।
इसकी जानकारी मिलने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग से ड्रग इंस्पेक्टर जांच के लिए निगम कार्यालय पहुंचे। अफसरों के पहुंचते ही निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया। ड्रग इंस्पेक्टर ने सभी दस्तावेज और कागज देखते हुए सेनिटाइजर के सैंपल लिए हैं। हालांकि मामले में अफसरों ने फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही मामला स्पष्ट हो पाएगा।
मिली जानकारी के मुताबिक चिरमिरी में पार्षद और स्वास्थ्य अमला की ओर से आशीष कैमिकल इंडस्ट्री इंदौर के नाम से स्टेप डी नकली सैनेटाइजर बांटा जा रहा था, जिसके खुलासे के बाद नगर निगम के अधिकारियों में खलबली मची हुई है। कई पार्षद भी खुलासे से बेहद परेशान हैं। इसी वजह से अब पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया रहा है।
निगम ने 2 कंपनी की सैनेटाइजर खरीदी है, इसमें एक कंपनी का प्रोडक्ट नकली है। बता दें कि कैमिकल्स कंपनी 2 साल पहले वाइंडअप हो चुकी है। यह कंपनी अब मैजिक अरोमा के नाम से इंदौर के पालदा रोड में संचालित है। जानकारी के अनुसार कंपनी छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल व खाद्य और औषधीय विभाग से रजिस्टर्ड नहीं है। दूसरी ओर नगरीय प्रशासन भी बगैर जांच पड़ताल के स्वास्थ्य विभाग अमला के साथ सेनिटाइजर डोर-टू-डोर पहुंचा रहा है।

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