EPF New Rules: केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक में नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए ईपीएफ (EPF) और एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) के तहत अनिवार्य कवरेज की सैलरी लिमिट को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी दी। सरकार के इस कदम का उद्देश्य प्राइवेट सेक्टर के ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से पीएफ और पेंशन के दायरे में लाना है।
इन-हैंड सैलरी पर पड़ेगा असर, अनिवार्य होगा योगदान
सैलरी लिमिट बढ़ने से अब बेसिक और डीए (Basic + DA) मिलाकर 25,000 रुपये प्रति माह तक कमाने वाले कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से ईपीएस यानी पीएफ पेंशन में योगदान देना होगा। इसके तहत पीएफ पेंशन में योगदान पहले की तरह बरकरार रहेगा। हालांकि, पेंशन में अनिवार्य योगदान देने के कारण कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी (टेक-होम सैलरी) कम हो जाएगी।
प्राइवेट सेक्टर के नए कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा
केबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस बदलाव से प्राइवेट सेक्टर के ज्यादा कर्मचारी पेंशन के दायरे में आएंगे। इसके साथ ही नए कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से पीएफ और पेंशन का फायदा मिलने लगेगा।
2014 के बाद पहली बार बढ़ी अनिवार्य सीमा
कर्मचारियों के लिए पीएफ की अनिवार्य सैलरी सीमा में यह बदलाव 12 साल बाद किया गया है। इससे पहले कर्मचारियों के लिए पीएफ की अनिवार्य सीमा आखिरी बार 1 सितंबर 2014 को बढ़ाई गई थी। उस समय इसे 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये किया गया था।
5 FAQs (प्रश्न और उत्तर):
प्रश्न: केंद्रीय कैबिनेट ने ईपीएफ और ईपीएस के लिए नई अनिवार्य सैलरी लिमिट क्या तय की है?
उत्तर: नई अनिवार्य सैलरी लिमिट को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह (Basic + DA) कर दिया गया है।
प्रश्न: इस फैसले की घोषणा किसने की?
उत्तर: कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी दी।
प्रश्न: सैलरी लिमिट बढ़ने का कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: पेंशन में योगदान देने के कारण कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी कम हो जाएगी।
प्रश्न: इससे पहले पीएफ की अनिवार्य सैलरी लिमिट कब बढ़ाई गई थी?
उत्तर: इससे पहले 1 सितंबर 2014 को इसे ₹6,500 से बढ़ाकर ₹15,000 किया गया था।
प्रश्न: इस फैसले से किन कर्मचारियों को लाभ मिलेगा?
उत्तर: इससे प्राइवेट सेक्टर के अधिक कर्मचारी और नए जुड़ने वाले कर्मचारी अनिवार्य रूप से पीएफ व पेंशन के दायरे में आएंगे।



