Balod Acid Attack Case: बालोद में एसिड अटैक का शिकार हुई 22 वर्षीय युवती की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उसकी दाहिनी आंख को लेकर डॉक्टरों की चिंता बनी हुई है। बदमाशों ने युवती पर तेजाब फेंका था। उस वक्त उसने चेहरे पर स्कार्फ बांध रखा था, जिससे चेहरे का बड़ा हिस्सा तेजाब की चपेट में आने से बच गया।
तेजाब की कुछ बूंदें युवती के गालों पर भी गिरीं, जिससे वहां गहरे घाव हो गए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक युवती करीब 10 प्रतिशत तक झुलसी है। उसका इलाज रायपुर के डीके अस्पताल के जले हुए मरीजों और प्लास्टिक सर्जरी विभाग में चल रहा है। विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
दाहिनी आंख की रोशनी को लेकर खतरा
सबसे गंभीर चोट युवती की दाहिनी आंख में बताई जा रही है। आंख में तेजाब की अधिक मात्रा जाने के कारण उसकी रोशनी प्रभावित होने का खतरा है। नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम लगातार उसकी आंख की स्थिति की निगरानी कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि आगे इलाज के दौरान आंख और चेहरे की चोटों की स्थिति के आधार पर उपचार की प्रक्रिया तय की जाएगी।
घाव भरने के बाद प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत
बर्न्स और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृष्णानंद ध्रुव के अनुसार, युवती की हालत स्थिर है। चेहरे पर हुए गहरे घावों के पूरी तरह भरने के बाद जरूरत पड़ने पर प्लास्टिक सर्जरी की जा सकती है। फिलहाल प्राथमिकता आंख और झुलसे हुए हिस्सों की देखभाल करना है।
शादी से इनकार के बाद आरोपी ने बनाई साजिश
मामले में पुलिस ने यश कुमार सोनकर और करण कुंजाम को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यश और पीड़िता करीब डेढ़ साल से एक-दूसरे को जानते थे। यश ने युवती के सामने शादी का प्रस्ताव रखा था, जिसे उसने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर उसे सबक सिखाने की योजना बनाई।
दुर्ग से खरीदा था एसिड
जांच के मुताबिक दोनों आरोपियों ने घटना से करीब एक सप्ताह पहले दुर्ग जाकर एसिड खरीदा था। इसके बाद सोमवार को युवती के स्कूल से घर लौटने के दौरान दोनों ने उस पर तेजाब फेंक दिया। घटना के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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